विदेश

ट्रंप का सख्त संदेश लेकर पहुंचे दूत – क्या झुकेगा पुतिन या बढ़ेगा यूक्रेन युद्ध?

मॉस्को में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विदेश दूत स्टीव विटकॉफ ने बुधवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब व्हाइट हाउस ने रूस को यूक्रेन में युद्धविराम के लिए 8 अगस्त तक की डेडलाइन दी है। इस डेडलाइन तक समझौता नहीं होने पर रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। विटकॉफ बुधवार सुबह मॉस्को पहुंचे, जहां उनका स्वागत रूस के निवेश मामलों के दूत किरिल दिमित्रीव ने किया। इसके बाद वे सीधे क्रेमलिन पहुंचे और राष्ट्रपति पुतिन से हाथ मिलाते नजर आए। इस मुलाकात को अमेरिका की तरफ से रूस को आखिरी चेतावनी माना जा रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप इस मुद्दे को लेकर खासे सख्त नजर आ रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, “देखते हैं आगे क्या होता है। हम सही वक्त पर फैसला लेंगे।” यह बयान यह संकेत देता है कि अगर रूस ने डेडलाइन तक युद्धविराम नहीं किया, तो कड़े फैसले लिए जा सकते हैं। ट्रंप प्रशासन के अनुसार, स्टीव विटकॉफ की पिछली रूस यात्रा अप्रैल में हुई थी, लेकिन तब से अब तक शांति वार्ता में कोई खास सफलता नहीं मिली है। इसके उलट रूस ने यूक्रेन के प्रमुख शहरों, खासकर कीव, पर मिसाइल और ड्रोन हमले और तेज कर दिए हैं।

इस अहम बैठक से एक दिन पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से फोन पर बातचीत की। जेलेंस्की ने बताया कि बातचीत में रूस पर नए प्रतिबंधों और अमेरिका की तरफ से यूक्रेन को अतिरिक्त हथियारों की मदद पर चर्चा हुई। इस मदद को ट्रंप ने पिछले महीने ही मंजूरी दी थी। ट्रंप ने रूस पर अब तक के प्रतिबंधों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, “हमने कई प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन रूस उन्हें बचाने में काफी चतुर है।” उनके इस बयान से यह साफ है कि अमेरिका अब और ज्यादा प्रभावी कदम उठाने की तैयारी में है।

अमेरिका और रूस के बीच यह कूटनीतिक तनाव आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है। अगर रूस 8 अगस्त तक युद्धविराम की शर्त नहीं मानता, तो अमेरिका द्वारा लगाए जाने वाले प्रतिबंध दोनों देशों के रिश्तों में नई तल्खी ला सकते हैं।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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