भारत

ढाका विमान हादसा: अब तक 32 की मौत, स्कूल में पसरा मातम

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में सोमवार को हुए एक भीषण विमान हादसे में अब तक 32 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मरने वालों में बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं। हादसे के बाद पूरे देश में शोक की लहर है, साथ ही लोगों में भारी गुस्सा भी देखने को मिल रहा है। मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और सटीक जानकारी सार्वजनिक करने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन भी हो रहे हैं।

यह हादसा सोमवार को उस वक्त हुआ जब बांग्लादेशी वायुसेना का एक एफ-7 प्रशिक्षण विमान उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद तकनीकी खराबी के चलते ढाका के उत्तरा क्षेत्र स्थित दियाबारी इलाके में माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज के परिसर में आकर गिर गया। टक्कर के बाद विमान में आग लग गई, जिससे स्कूल में पढ़ रहे बच्चे, शिक्षक और आसपास के लोग इसकी चपेट में आ गए।

हादसे में अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। बुधवार को नौ वर्षीय बालक नफी की इलाज के दौरान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी (NIBPS) में मौत हो गई। डॉक्टरों के अनुसार, नफी का शरीर 95 प्रतिशत जल चुका था और वह दो दिन तक जिंदगी से जूझते रहे। NIBPS के सर्जन डॉ. शॉन बिन रहमान ने बताया कि कई अन्य घायलों की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 69 घायलों का इलाज राजधानी के संयुक्त सैन्य अस्पताल (CMH) और अन्य सरकारी व निजी अस्पतालों में चल रहा है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए माइलस्टोन स्कूल प्रशासन ने एक विशेष समिति का गठन किया है, जो मृतकों और घायलों की सटीक संख्या के साथ उनके नाम और पते की पुष्टि करेगी। इस समिति की अध्यक्षता स्कूल के प्रधानाचार्य मोहम्मद जियाउल आलम करेंगे और समिति तीन दिनों में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। स्कूल प्रशासन ने कहा है कि हादसे ने छात्रों, शिक्षकों, स्टाफ और अभिभावकों को गहरा आघात पहुंचाया है।

हादसे के विरोध में मंगलवार को हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अंतरिम सरकार इस भयावह हादसे में हताहतों की असली संख्या छिपा रही है। उन्होंने मृतकों की सही जानकारी जारी करने, पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने और पुराने व असुरक्षित ट्रेनिंग विमानों के इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे।

इस हादसे के बाद बांग्लादेश सरकार पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि पुराने और तकनीकी तौर पर खस्ताहाल विमानों को प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल करना बच्चों और आम नागरिकों की जान के साथ खिलवाड़ है।अब सबकी नजर सरकार की कार्रवाई और स्कूल द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट पर टिकी है। हादसे की जांच के साथ-साथ पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने की मांग भी तेज हो गई है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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