दिल्ली में हवा बनी जहर, AQI 400 के पार पहुंचा — कई इलाकों में ‘गंभीर’ स्तर की प्रदूषण स्थिति

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली रविवार की सुबह दमघोंटू धुंध के साथ जागी। रातभर में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा और कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 8 बजे तक कई जगहों पर AQI 400 के पार दर्ज किया गया। एम्स और आरके पुरम के पास हवा की गुणवत्ता सबसे खराब रही, जहां AQI 421 दर्ज किया गया — जो इस सीजन के सबसे खराब स्तरों में से एक है। शनिवार को दिल्ली का औसत AQI 245 (‘खराब’ श्रेणी) था, लेकिन सिर्फ 24 घंटे में इसमें बड़ा उछाल देखने को मिला।
दिल्ली के प्रमुख इलाकों में रविवार सुबह AQI (CPCB के अनुसार):
- आनंद विहार: 298 (खराब)
- अशोक विहार: 404 (गंभीर)
- चांदनी चौक: 414 (गंभीर)
- द्वारका सेक्टर-8: 407 (गंभीर)
- आईटीओ: 312 (बहुत खराब)
- ओखला फेज-2: 382 (बहुत खराब)
- आरके पुरम: 421 (गंभीर)
- रोहिणी: 415 (गंभीर)
- सिरीफोर्ट: 403 (गंभीर)
- लोधी रोड: 364 (बहुत खराब)
अधिकतर निगरानी केंद्रों ने ‘बहुत खराब’ या ‘गंभीर’ श्रेणी में हवा की गुणवत्ता दर्ज की, जिससे साफ है कि दिल्ली की हवा फिलहाल बेहद खतरनाक स्तर पर है।
प्रशासन के कदम
प्रदूषण को काबू में रखने के लिए प्रशासन ने कई जगहों पर पानी के छिड़काव और धूल नियंत्रण मशीनें तैनात की हैं। इसके अलावा, वाहन प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) ने 1 नवंबर से बीएस-III और उससे पुराने डीजल वाहनों (जो दिल्ली में पंजीकृत नहीं हैं) के प्रवेश पर रोक लगा दी है।
दिल्ली ट्रांसपोर्ट प्रवर्तन टीम के सब इंस्पेक्टर धर्मवीर कौशिक ने बताया, “बीएस-III वाले मालवाहक वाहनों को बॉर्डर से ही लौटा दिया जा रहा है। यह पाबंदी सिर्फ मालवाहक गाड़ियों पर लागू है, यात्री वाहनों पर नहीं।” वहीं, नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने भी स्टेज-II ग्रैप (GRAP) के तहत सभी पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना कर दिया है, ताकि लोग निजी वाहन कम इस्तेमाल करें।
दीवाली के बाद से हालात बिगड़े:
दीवाली के बाद से दिल्ली और एनसीआर में हवा की गुणवत्ता लगातार ‘खराब’ और ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में राहत की संभावना बेहद कम है।





