दिल्ली: प्रदूषण को लेकर 10 महीने में 2.7 लाख हुए चालान, सिर्फ अक्टूबर-नवंबर के बीच 1.64 लाख चालान जारी, कुल राशि 164 करोड़

दिल्ली: प्रदूषण को लेकर 10 महीने में 2.7 लाख हुए चालान, सिर्फ अक्टूबर-नवंबर के बीच 1.64 लाख चालान जारी, कुल राशि 164 करोड़
दिल्ली में फिलहाल लोगों को प्रदूषण से राहत मिली है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में राजधानी के लोगों ने खराब वायु गुणवत्ता के चलते भारी दिक्कतों का सामना किया था। दिल्ली में कुछ दिन पहले तक लोगों को प्रदूषण को लेकर कई ट्रैफिक नियमों का पालन करना पड़ रहा था, लेकिन फिर इस बीच इन नियमों का काफी उल्लंघन हुआ। जिसके चलते वाहन मालिकों पर भारी जुर्माना लगाया गया।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राजधानी दिल्ली में सिर्फ 01 अक्टूबर से लेकर 22 नवंबर के बीच में करीब 1.64 लाख के चालान हुए। जिनकी कुल जुर्माना राशि करीब 164 करोड़ रुपए है। दिल्ली एनसीआर में 15 से 31 अक्टूबर के बीच 54000 गाड़ियों के चालान पीयूसी के लिए हुए थे। वहीं इस दौरान 3900 ऐसी गाड़ियों को जब्त किया गया है जो अपनी समय सीमा पूरी कर चुकी थी।
इस साल अब तक 3.87 लाख वाहन चालकों पर बिना PUCC के गाड़ी चलाने के लिए कार्रवाई हुई। इस सर्दी के मौसम में 6,531 ऐसी गाड़ियां, जिनमें 10 साल पुरानी पेट्रोल और 15 साल पुरानी डीजल गाड़ियां शामिल हैं, जब्त की गईं।
18 नवंबर से GRAP-4 के लागू होने के बाद अब तक 20,743 चालान PUCC न होने के चलते काटे गए। इसके अलावा, 736 पुरानी गाड़ियां जब्त की गईं। अक्टूबर 15 से दिल्ली की सीमाओं पर 13,762 गैर-लक्षित ट्रकों को वापस भेजा गया। GRAP-4 लागू होने के बाद 2,944 ट्रकों को प्रवेश से रोका गया। 1.36 लाख ट्रकों की जांच हुई, जिनमें से 16,264 को वापस लौटा दिया गया।
वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस साल 1 जनवरी से 31 अक्टूबर के बीच 2.7 लाख से अधिक चालान जारी किए गए। ये संख्या तीन साल में सबसे अधिक है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2024 में 2,78,772 चालान जारी किए गए, जो पिछले साल 2,32,885 और 2022 में 1,64,638 से अधिक है।
गौरतलब है कि दिल्ली ट्रैफिक नियमों के अनुसार, वैध प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र न होने पर वाहन चालकों पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। इन चालानों को कोर्ट से जारी किया जाता है। ग्रेप-3 के अनुसार, निजी बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया है। अगर ये सड़क पर चलते मिलते हैं तो 20 हजार का जुर्माना लगाया जाता है।
- अगर किसी वाहन के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) सर्टिफ़िकेट नहीं है, तो उस पर 10,000 रुपये का चालान काटा जाता है। ये चालान अदालत से जारी किए जाते हैं।
- अगर कोई निजी बीएस-3 पेट्रोल या बीएस-4 डीज़ल वाहन सड़क पर चलता मिलता है, तो उस पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है।
- ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत, मौजूदा गाइडलाइन का पालन न करने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 194(1) के तहत सख्त दंड का सामना करना पड़ता है।
- प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को जब्त भी किया जाता है।





