दक्षिण अफ्रीका में भारतीय समुदाय से मिला सांसदों का प्रतिनिधिमंडल, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर दी जानकारी

दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर पहुंचे भारतीय संसद के सभी दलों के प्रतिनिधिमंडल ने जोहान्सबर्ग में भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सांसद सुप्रिया सुले कर रही हैं। इस बातचीत के दौरान सांसदों ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की एकजुट और सख्त नीति को दोहराते हुए कहा कि भारत किसी भी रूप में आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करता और इसे खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारतीय उच्चायोग ने बताया कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रवासी भारतीयों के समर्थन और सहयोग की सराहना की, जो आतंकवाद के खिलाफ भारत के प्रयासों को मजबूती प्रदान कर रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने इस मौके पर हाल ही में भारत द्वारा की गई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की कार्रवाई के बारे में भी जानकारी दी। यह अभियान एक आतंकी हमले के जवाब में किया गया था, जिसे भारत की संयमित, लेकिन निर्णायक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। सांसदों ने बताया कि यह ऑपरेशन भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में संतुलन और दृढ़ता दोनों का परिचय देता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद और उसके संरक्षकों के बीच किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करता और वैश्विक समुदाय से आग्रह किया कि अब आतंकवादियों और उन्हें समर्थन देने वाले देशों या संगठनों के बीच फर्क करना बंद किया जाए।
#WATCH | Cape Town, South Africa: Group 7 all-party delegation, led by NCP-SCP MP Supriya Sule, visited the Parliament of South Africa. The delegation met with Les Govender, Deputy Chairperson of the National Council of Provinces, the Upper House, and 13 other MPs of various… pic.twitter.com/zRN1cP0czk
— ANI (@ANI) May 28, 2025
भारतीय उच्चायोग, प्रिटोरिया की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने यह भी दोहराया कि भारत सीमापार आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर कायम है। उन्होंने कहा कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा, लेकिन यह भी ध्यान रखेगा कि क्षेत्रीय तनाव न बढ़े।
इस मुलाकात के साथ ही भारतीय प्रतिनिधिमंडल की दक्षिण अफ्रीका यात्रा की औपचारिक शुरुआत हो गई है। इससे पहले उन्हें भारत के उच्चायुक्त प्रभात कुमार ने स्वागत करते हुए भारत-दक्षिण अफ्रीका द्विपक्षीय संबंधों की प्रमुख बातों से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल अपने आगे के कार्यक्रम के तहत 28 मई को केप टाउन पहुंचेगा, जहां उनकी मुलाकात दक्षिण अफ्रीकी संसद के सदस्यों और सरकार के मंत्रियों से होने वाली है।
इस प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न राजनीतिक दलों से कई प्रमुख सांसद और राजनयिक शामिल हैं। इनमें सुप्रिया सुले, राजीव प्रताप रूड़ी, विक्रमजीत सिंह साहनी, मनीष तिवारी, अनुराग सिंह ठाकुर, लवु श्रीकृष्ण देवरायालु, पूर्व वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा, पूर्व विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन और संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन जैसे नाम शामिल हैं। यह प्रतिनिधिमंडल भारत की ओर से दक्षिण अफ्रीका में एकजुट और सशक्त विदेश नीति का प्रतिनिधित्व कर रहा है, जो आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर समर्थन जुटाने की दिशा में एक और अहम कदम माना जा रहा है।





