नागपुर में साइबर ठगों का जाल: फर्जी वारंट दिखाकर बुजुर्ग को बनाया शिकार

महाराष्ट्र के नागपुर से साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां प्रताप नगर इलाके के 78 साल के एक बुजुर्ग को “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर ठगों ने करीब 23 लाख रुपये का चूना लगा दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह ठगी अक्टूबर 2025 में शुरू हुई, जब बुजुर्ग को एक फोन कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड ऑफ इंडिया का अधिकारी बताया।
ठग ने बुजुर्ग को डराते हुए कहा कि उनके नाम पर एक सिम कार्ड और बैंक अकाउंट खोला गया है, जिसका इस्तेमाल आतंकवाद से जुड़े मामले में हो रहा है। भरोसा दिलाने के लिए ठगों ने ईडी (Enforcement Directorate) और सुप्रीम कोर्ट के नाम से फर्जी दस्तावेज और नकली गिरफ्तारी वारंट भी भेजे।
इसके बाद बुजुर्ग को “डिजिटल अरेस्ट” में होने की बात कही गई और उन्हें किसी से भी इस बारे में बात न करने की चेतावनी दी गई। अगले कई महीनों तक ठग उन्हें कानूनी कार्रवाई का डर दिखाते रहे और दबाव बनाकर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कराते रहे। अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 के बीच बुजुर्ग ने कुल 23 लाख रुपये भेज दिए।
ठगों ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद 24 घंटे में पैसे वापस कर दिए जाएंगे और भरोसा जीतने के लिए नकली रसीदें भी भेजीं। बाद में जब बुजुर्ग को ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।





