मिडिल ईस्ट तनाव से उछले कच्चे तेल के दाम, ब्रेंट क्रूड 116 डॉलर के पार

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब कच्चे तेल की कीमतों पर साफ दिखने लगा है। गुरुवार को तेल के दाम में तेज उछाल देखा गया और ब्रेंट क्रूड 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल डिलीवरी वाला कच्चा तेल 74 रुपये यानी 0.82% बढ़कर 9,067 रुपये प्रति बैरल पर पहुंच गया।
वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में मई डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड 116 डॉलर के पार चला गया, जबकि न्यूयॉर्क में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) करीब 97 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है।
हमलों से बढ़ी चिंता
इस बढ़ोतरी के पीछे हाल ही में मिडिल ईस्ट में ऊर्जा ढांचे पर हुए हमले हैं। कतर ने बताया कि उसके रास लाफान गैस प्लांट को मिसाइल हमले में भारी नुकसान हुआ है। वहीं कुवैत के दो ऑयल रिफाइनरी पर भी हमले की खबर सामने आई है।
इन घटनाओं से तेल और गैस की सप्लाई बाधित होने का खतरा बढ़ गया है, जिससे बाजार में चिंता का माहौल है।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बना बड़ी चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz), जो दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित है, जिससे सप्लाई चेन पर दबाव और बढ़ गया है।
आगे और बढ़ सकते हैं दाम
विश्लेषकों का मानना है कि जब तक क्षेत्र में तनाव बना रहेगा, तब तक तेल की कीमतों पर दबाव बना रहेगा। कुछ अनुमान के मुताबिक अगर स्थिति और बिगड़ती है तो ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। सऊदी अरब जैसे बड़े उत्पादकों से निर्यात को लेकर अनिश्चितता और टैंकरों की सीमित आवाजाही ने भी बाजार की चिंता बढ़ा दी है।
बाजार पर नजर
हालांकि कुछ इलाकों में जहाजों की आवाजाही फिर शुरू हुई है, लेकिन सुरक्षा को लेकर खतरा अभी भी बना हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार अभी भी राजनीतिक तनाव के प्रति बेहद संवेदनशील है और निवेशक आगे की स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।





