विदेश

चीन से रिश्तों पर बवाल! ट्रंप ने इंटेल CEO से मांगा इस्तीफा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनी इंटेल के CEO लिप-बू टैन से तुरंत इस्तीफा देने की मांग की है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि टैन “चीन से गहरे तौर पर जुड़े हुए हैं” और इस स्थिति में “कोई दूसरा समाधान नहीं है।” यह मामला उस समय गर्माया है जब सेनेटर टॉम कॉटन ने भी इंटेल के चेयरमैन फ्रैंक यीयरी को एक पत्र लिखकर कंपनी की राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। कॉटन ने आरोप लगाया है कि टैन चीन की दर्जनों कंपनियों को नियंत्रित करते हैं और सैकड़ों टेक फर्म्स में उनकी हिस्सेदारी है, जिनमें से कम से कम आठ कंपनियों का संबंध चीन की सेना (PLA) से बताया जा रहा है।

कॉटन ने यह भी पूछा कि क्या इंटेल ने टैन से उन कंपनियों से हटने को कहा है जो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी या चीनी सेना से जुड़ी हो सकती हैं। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या टैन की पूर्व कंपनी को अमेरिकी एजेंसियों से कोई समन मिला था या टैन ने अपनी चीन से जुड़ी गतिविधियों की पूरी जानकारी दी है। इंटेल ने अब तक ट्रंप के बयान और सेनेटर कॉटन के पत्र पर कोई टिप्पणी नहीं दी है। लिप-बू टैन को मार्च में इंटेल का CEO नियुक्त किया गया था। उन्होंने 18 मार्च से अपनी जिम्मेदारी संभाली। इससे पहले वह कैडेंस डिजाइन सिस्टम्स नामक अमेरिकी चिप डिज़ाइन कंपनी के CEO रह चुके हैं। कैडेंस कैलिफोर्निया में स्थित है और टैन ने वहां 2009 से 2021 तक काम किया।

टैन की नियुक्ति ऐसे समय में हुई जब इंटेल पहले से ही भारी चुनौतियों का सामना कर रही है। कंपनी का पिछला CEO पैट्रिक गेलसिंगर 2024 के अंत में इस्तीफा दे चुके हैं क्योंकि इंटेल अपने प्रतिस्पर्धियों एनवीडिया, एएमडी और टीएसएमसी से पीछे रह गई थी। गेलसिंगर ने अमेरिका में चिप फैक्ट्रियों के निर्माण का प्रयास किया था, लेकिन भारी कर्ज और तकनीकी पिछड़ापन उनके लिए बड़ी रुकावट बन गया।

हालांकि, बाइडेन सरकार के तहत CHIPS Act के तहत नवंबर में इंटेल को करीब 8 अरब डॉलर की मदद मिली थी, ताकि वह अमेरिकी रक्षा विभाग के लिए सुरक्षित चिप्स बना सके और फैक्ट्रियों का निर्माण कर सके। इस विवाद और ट्रंप के बयान के बाद इंटेल के शेयरों में गुरुवार को 2% से ज्यादा गिरावट आई, जिससे कंपनी का इस साल का पूरा मुनाफा खत्म हो गया। इंटेल का कुल बाजार मूल्य लगभग 90 अरब डॉलर है, जो इसके प्रतिस्पर्धियों से काफी पीछे है।

ट्रंप ने एक दिन पहले ही यह भी चेतावनी दी थी कि अगर कंप्यूटर चिप्स अमेरिका में नहीं बनाई जातीं, तो वह उन पर 100% टैरिफ लगाएंगे। इससे पहले सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री पर सरकार और राजनीतिक दबाव बढ़ता जा रहा है, क्योंकि यह क्षेत्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ है। इस पूरे विवाद से इंटेल की स्थिति और डांवाडोल हो सकती है, खासकर जब कंपनी पहले ही बाजार में पिछड़ रही है और खुद को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रही है।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button