स्मॉग की चादर में लिपटी राजधानी: कई क्षेत्रों में AQI 300 के पार

राजधानी दिल्ली में रविवार सुबह लोगों को ज़हरीली हवा से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन बड़े हिस्से अब भी घने स्मॉग की चादर में लिपटे दिखे। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) शनिवार शाम 4 बजे के 305 से गिरकर रविवार सुबह 7 बजे 269 दर्ज किया गया। यानी हवा “बेहद खराब” से “खराब” श्रेणी में आई है।
इसके बावजूद कई इलाकों में धुंध इतनी घनी रही कि ITO जैसे व्यस्त क्षेत्रों में सुबह के समय विज़िबिलिटी बहुत कम रही। कई मॉनिटरिंग स्टेशन अब भी खतरनाक स्तर दिखा रहे हैं।
कहाँ सबसे ज़्यादा प्रदूषण?
शादीपुर ने सबसे खराब AQI 335 रिकॉर्ड किया, जबकि जहांगीरपुरी (324), नेहरू नगर (319), आरके पुरम (307) और दिलशाद गार्डन स्थित IHBAS (303) जैसे इलाकों में हवा “बेहद खराब” बनी रही।
इसके विपरीत, मंदिर मार्ग ने 158 AQI दर्ज कर सबसे बेहतर हवा दिखाई, जो “मॉडरेट” श्रेणी में आती है।
कई बड़े इलाके अभी भी ‘खराब’ श्रेणी में
ज्यादातर क्षेत्रों में AQI 201–300 के बीच रहा। इनमें बवाना (295), सीरी फोर्ट (293), रोहिणी (291), विवेक विहार (289), DTU (285), बुराड़ी (283), मुंडका (283), करणी सिंह शूटिंग रेंज (282), द्वारका सेक्टर-8 (281), चांदनी चौक (281), पटपड़गंज (280), वज़ीरपुर (281), आनंद विहार (281), सोनिया विहार (277), नरेला (276), अशोक विहार (275), ITO (269), जेएलएन स्टेडियम (269), पंजाबी बाग (265), पूसा (263) और SRRI, Mathura Road (262) शामिल हैं।
राजनीतिक बयानबाज़ी तेज
दिल्ली सरकार का कहना है कि वह रोज़ाना प्रदूषण की स्थिति पर नजर रख रही है और ज़रूरत के मुताबिक कदम उठा रही है। लेकिन बिगड़ती हवा को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं।
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने सरकारों पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा,
“दिल्ली का माहौल इतना प्रदूषित हो चुका है कि डॉक्टर भी चेतावनी दे रहे हैं कि यहाँ रहने वालों की उम्र कम हो सकती है। यह किसी को धीरे-धीरे ज़हर देने जैसा है। हम सब इसके जिम्मेदार हैं।”
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी दिल्ली की वायु संकट को “जन स्वास्थ्य आपातकाल” बताते हुए संसद में इस मुद्दे पर बहस की मांग की।





