कनाडा के इतिहास की सबसे बड़ी सोने की चोरी: दुबई से लौटते ही पकड़ा गया आरोपी, एक फरार

टोरंटो, 13 जनवरी 2026 — कनाडाई अधिकारियों ने देश में अब तक की सबसे बड़ी बुलियन चोरी के सिलसिले में एक और आरोपी को हिरासत में ले लिया है. सोमवार को टोरंटो के पियर्सन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 43 वर्षीय अर्सलान चौधरी को संयुक्त अरब अमीरात से वापस आते समय गिरफ्तार किया गया. ‘प्रोजेक्ट 24K’ नाम से चल रही जांच के तहत यह एक महत्वपूर्ण गिरफ्तारी मानी जा रही है.
अप्रैल 2023 की चौंकाने वाली घटना
यह मामला अप्रैल 2023 में सामने आया था जब टोरंटो पियर्सन हवाई अड्डे के परिसर से 400 किलोग्राम शुद्ध सोना और $2.5 मिलियन विदेशी मुद्रा रहस्यमय ढंग से गायब हो गई थी. स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख से आई इस कीमती शिपमेंट में लगभग 6,600 सोने की छड़ें थीं.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार अर्सलान चौधरी का कोई निश्चित आवासीय पता दर्ज नहीं है. उन पर 5,000 डॉलर से अधिक मूल्य की संपत्ति की चोरी, अवैध रूप से प्राप्त संपत्ति रखने और आपराधिक षड्यंत्र रचने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
दस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई
अब तक इस मामले में दस व्यक्तियों के विरुद्ध या तो आरोप पत्र दायर किए जा चुके हैं या फिर गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं. जांच में यह खुलासा हुआ है कि इस चोरी को अंजाम देने में एयरलाइन के आंतरिक कर्मचारियों की मिलीभगत रही.
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एयर कनाडा के पूर्व कर्मचारी 54 वर्षीय परमपाल सिद्धू का नाम प्रमुख है. इसके अलावा ओंटारियो निवासी 40 वर्षीय अमित जलोटा, ब्रैम्पटन के 36 वर्षीय प्रसाद परमालिंगम, टोरंटो के 37 वर्षीय अली रजा, ब्रैम्पटन निवासी 43 वर्षीय अम्माद चौधरी और 27 वर्षीय दुरांटे किंग-मैकलीन को भी हिरासत में लिया जा चुका है.
विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि किंग-मैकलीन वर्तमान में संयुक्त राज्य अमेरिका में अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े आरोपों में हिरासत में हैं.
भारत में छिपा है मुख्य आरोपी
जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि एयर कनाडा की पूर्व कर्मचारी सिमरन प्रीत पनेसर भारत में फरार है. आरोप है कि उसने एयरलाइन की कंप्यूटर प्रणाली में अनधिकृत बदलाव करके शिपमेंट को गलत दिशा में भेजने में सहायता की थी.
पिछले वर्ष उसे चंडीगढ़ के बाहरी क्षेत्र में एक किराए के आवास में रहते हुए ट्रेस किया गया था. उसके खिलाफ कनाडा भर में मान्य गिरफ्तारी वारंट जारी है.
इससे पहले, ब्रैम्पटन निवासी आर्चित ग्रोवर को मई 2024 में भारत से कनाडा लौटते समय पियर्सन हवाई अड्डे पर ही पकड़ लिया गया था.
कनाडाई पुलिस इस मामले की गहन जांच जारी रखे हुए है और अन्य संदिग्धों की तलाश में सक्रिय है. अधिकारियों का कहना है कि यह मामला अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ है और कई देशों की एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है.





