BJP vs BJP: जानिए संविधान क्लब के हाई-प्रोफाइल चुनाव का पूरा मामला

संविधान क्लब ऑफ इंडिया में आमतौर पर बिना किसी विवाद के होने वाला चुनाव इस बार सुर्खियों में आ गया। मंगलवार को रफी मार्ग स्थित क्लब में मतदान के दौरान सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के कई बड़े नेता वोट डालने पहुंचे। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, किरेन रिजिजू, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी जैसी हस्तियां शामिल रहीं।
फरवरी 1947 में बना संविधान क्लब, संविधान सभा के सदस्यों के बीच मेलजोल बढ़ाने और सुविधाएं देने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। वक्त के साथ यह पूर्व और वर्तमान सांसदों का एक प्रतिष्ठित मिलन स्थल बन गया। लोकसभा अध्यक्ष इसके पदेन अध्यक्ष होते हैं। करीब 1,200 सदस्यों वाले इस क्लब के लंबे इतिहास में अब तक सिर्फ चार बार चुनाव हुए हैं।
ज्यादातर बार यहां के पदाधिकारी आपसी सहमति से चुने जाते हैं। इस बार भी सचिव (खेल), सचिव (संस्कृति) और कोषाध्यक्ष के पद बिना मुकाबले भरे गए। ये पद क्रमशः कांग्रेस के राजीव शुक्ला, डीएमके के तिरुचि शिवा और पूर्व बीआरएस सांसद एपी जितेंद्र रेड्डी को मिले। लेकिन सचिव (प्रशासन) के पद पर मुकाबला इस बार दिलचस्प हो गया। इस पद के लिए एक तरफ हैं बीजेपी के वरिष्ठ सांसद राजीव प्रताप रूडी, जो पांच बार के सांसद, कमर्शियल पायलट और पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। वे पिछले 20 साल से इस पद पर हैं। दूसरी ओर हैं डॉ. संजीव बलियान, जो पेशे से वेटरनरी डॉक्टर और पूर्व केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं।
रूडी के पास अनुभव और लंबे कार्यकाल का फायदा है, जबकि बलियान की चुनौती ने पार्टी के भीतर ही हलचल मचा दी है। यह मुकाबला न केवल क्लब के प्रशासनिक जिम्मेदारियों का फैसला करेगा, बल्कि बीजेपी के संसदीय हलकों में ताकत के संतुलन का भी संकेत देगा।
पहली बार बीजेपी बनाम बीजेपी के इस मुकाबले ने कई सांसदों को दुविधा में डाल दिया है। अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने मतदान के बाद कहा, “पहली बार ऐसा हो रहा है कि बीजेपी के ही दो बड़े नेता आमने-सामने हैं। नए सदस्य होने के नाते हम भी सीनियर्स से राय ले रहे हैं।”





