भारत में एशियाई शेरों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी, 2025 में पहुँची 891

भारत में एशियाई शेरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। विश्व शेर दिवस (World Lion Day) के मौके पर रविवार को सरकार ने 16वीं शेर जनसंख्या रिपोर्ट जारी की, जिसके अनुसार बीते पांच वर्षों में इनकी संख्या में 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अब देश में एशियाई शेरों की कुल संख्या 891 हो गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, बारदा वाइल्डलाइफ सेंचुरी, जेतपुर, बाबरा जसदान और आसपास के इलाकों समेत नौ स्थानों पर कुल 497 शेर पाए गए हैं। पहली बार कॉरिडोर क्षेत्र में भी 22 शेरों की उपस्थिति दर्ज की गई है। यह गिनती सैटेलाइट तकनीक की मदद से की गई।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, “भारत को एशियाई शेरों का घर होने पर गर्व है। 2015 में जहां 523 शेर थे, वहीं 2025 में यह संख्या 891 तक पहुँच गई है। यह हमारे संरक्षण प्रयासों की बड़ी सफलता है। वर्ल्ड लायन डे पर हम शेरों को बचाने का संकल्प दोहराते हैं।”
पिछले दस वर्षों में भारत में शेरों की संख्या 70 प्रतिशत तक बढ़ी है। गुजरात के अमरेली में सबसे ज्यादा शेर हैं — जिनमें 82 व्यस्क नर, 117 व्यस्क मादा और 79 शावक शामिल हैं। मितियाला वाइल्डलाइफ सेंचुरी में सबसे तेज वृद्धि दर्ज हुई है, जबकि गिरनार वाइल्डलाइफ सेंचुरी और भावनगर तट के कुछ इलाकों में संख्या में कमी आई है।





