30,000 करोड़ की विरासत पर संग्राम! करिश्मा कपूर के बच्चों ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाज़ा

दिल्ली हाईकोर्ट में दिवंगत उद्योगपति और सोना कॉमस्टार के चेयरमैन संजय कपूर की संपत्ति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह विवाद तब सामने आया जब बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के दोनों बच्चे – समायरा और कियान – ने कोर्ट का रुख किया। बच्चों का कहना है कि उन्हें अपने पिता की करीब 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति में बराबरी का हिस्सा मिलना चाहिए।
मामले की जड़ उनके पिता की वसीयत (Will) से जुड़ी है। समायरा और कियान का आरोप है कि उनकी सौतेली मां प्रिया कपूर ने वसीयत में हेरफेर कर पूरी संपत्ति पर कब्ज़ा करने की कोशिश की है। बच्चों का यह भी कहना है कि अगर उनके पिता ने वसीयत बनाई होती, तो वे ज़रूर उन्हें बताते, क्योंकि वे अपनी हर ज़रूरी बात शेयर करते थे।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि किसी वसीयत को कोर्ट में चुनौती देना बेहद मुश्किल काम है। एडवोकेट शिस्बा चावला के मुताबिक, वसीयत को एक मज़बूत कानूनी दस्तावेज माना जाता है। इसे फर्जी साबित करने के लिए ठोस सबूत देने पड़ते हैं – जैसे कि हस्ताक्षर नकली होना, गवाहों की भूमिका संदिग्ध होना या दस्तावेज धोखे से तैयार किया जाना।
संजय कपूर का निधन जून 2025 में हुआ था। उनकी मौत के वक्त वे अपनी तीसरी पत्नी प्रिया कपूर और बेटे के साथ रह रहे थे। करिश्मा कपूर से उनकी शादी पहले हुई थी, जिससे समायरा और कियान का जन्म हुआ।
बच्चों का आरोप है कि प्रिया कपूर ने अपने सहयोगियों दिनेश अग्रवाल और नितिन शर्मा के साथ मिलकर वसीयत को करीब सात हफ्तों तक छिपाए रखा। बाद में 30 जुलाई 2025 को परिवार की बैठक में उन्होंने यह दस्तावेज़ पेश किया। शुरुआत में प्रिया ने दावा किया था कि कोई वसीयत है ही नहीं और संजय कपूर की संपत्ति आर.के. फैमिली ट्रस्ट के अधीन है। लेकिन अचानक उन्होंने 21 मार्च 2025 की तारीख वाली वसीयत पेश कर दी, जिसे असली बताया।
समायरा और कियान का कहना है कि यह वसीयत नकली है, क्योंकि न तो उन्हें इसकी असली कॉपी दिखाई गई और न ही कोई प्रति दी गई। अब पूरा मामला दिल्ली हाईकोर्ट में है, जहां आने वाले दिनों में तय होगा कि 30,000 करोड़ की इस संपत्ति का असली हकदार कौन होगा।





