बरेली बवाल अपडेट: ड्रोन वीडियो से सच उजागर, अब तक 3000 अज्ञात पर केस दर्ज

बरेली में 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद भड़के उपद्रव के बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं. पुलिस लगातार उपद्रवियों पर शिकंजा कस रही है. बुधवार सुबह पुलिस ने फरार चल रहे दो शातिर आरोपियों इदरीस और इकबाल को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. दोनों आरोपी शाहजहांपुर जिले के रहने वाले हैं और बरेली में हुई हिंसा में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे.
दोनों के पास से पुलिस की छिनी हुई बंदूक बरामद
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य ने बताया कि आरोपियों के पास से एक सरकारी बंदूक बरामद की गई है, जिसे उपद्रव के दौरान पुलिसकर्मियों से छीना गया था. इसके अलावा पुलिस को .315 बोर की दो देसी पिस्तौलें, जिंदा कारतूस, एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी मिले हैं.
- इदरीस पर चोरी, डकैती और गैंगस्टर एक्ट सहित 20 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं.
- इकबाल पर भी इसी तरह के 17 मुकदमे दर्ज हैं.
- दोनों आरोपी इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के करीबी नदीम खान के संपर्क में थे, जिसने उन्हें घटना के दिन बरेली बुलाया था.
मुठभेड़ में दोनों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि वे 26 सितंबर को हुए दंगे में शामिल थे.
अब तक 77 गिरफ्तारियां, 3000 अज्ञात पर मुकदमा
बरेली बवाल के बाद से अब तक 77 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. पुलिस ने 200 नामजद और 3000 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
महिला पुलिस का फ्लैग मार्च
बुधवार शाम शहर में पहली बार महिला पुलिसकर्मियों ने फ्लैग मार्च किया. पैरामिलिट्री के साथ करीब 800 से ज्यादा महिला पुलिसकर्मी सड़कों पर उतरीं और सुरक्षा का संदेश दिया.
तौकीर रजा के भाई की चेतावनी
इस बीच, मौलाना तौकीर रजा की गिरफ्तारी के बाद उनके भाई तौसीफ रजा खान ने पुलिस पर “बेगुनाह मुसलमानों को परेशान करने” का आरोप लगाया. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह सिलसिला नहीं रुका तो “ठोस कदम उठाने होंगे.”
ड्रोन से सामने आईं उपद्रव की तस्वीरें
बरेली पुलिस ने दंगे के ड्रोन वीडियो जारी किए हैं. इनमें प्रदर्शनकारियों को पुलिस के साथ भिड़ते और फिर लाठीचार्ज के बाद भागते हुए देखा गया. वीडियो में यह भी दिखा कि कुछ लोग मस्जिद की छत पर चढ़ गए और कई लोग अंदर जाकर छिपे.
धर्मगुरुओं की प्रतिक्रिया
मौलाना शहाबुद्दीन रिज़वी ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि “मोहम्मद के इज़हार के नाम पर हिंसा करना पैगंबर की शिक्षा के खिलाफ है.” उन्होंने इशारों में मौलाना तौकीर रजा पर भी तंज कसा और कहा कि कुछ लोगों ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए यह माहौल बनाया.
बरेली पुलिस अब घटना में शामिल बाहरी और आपराधिक तत्वों की भूमिका की गहन जांच कर रही है और स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है.





