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अयोध्या: इस सर्दियों में पश्मीना शॉल ओढ़ेंगे राम लला, ठंड से बचने के लिए राम मंदिर में हो रहा है इंतजाम

अयोध्या: इस सर्दियों में पश्मीना शॉल ओढ़ेंगे राम लला, ठंड से बचने के लिए राम मंदिर में हो रहा है इंतजाम

अयोध्या में नवंबर के शुरुआती सप्ताह में गुलाबी ठंड ने दस्तक दी है। बदलते मौसम में लोगों के साथ-साथ भगवान राम को भी ठंड से बचाने की तैयारी हो रही है। ऐसे में रामलला को भी ठंड लगने लगी है. इसलिए रामलला को गर्म पानी से स्नान कराया जा रहा है, उनके राग-भोग में भी बदलाव कर दिया गया है, वहीं अब उनके वस्त्रों में भी बदलाव किए गए हैं। बता दें कि राम मंदिर में प्रभु राम 5 वर्ष के बालक के रूप में विराजमान है और उनकी सेवा आराधना एक बालक के रूप में की जाती है। जब-जब मौसम में बदलाव होता है तो उनके राज भोग में भी बदलाव किया जाता है।

राज भोग में यह हुआ बदलाव

गौरतलब है कि इस सर्दी में प्रभु राम को ठंड से बचाने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 22 जनवरी, 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह उनके मंदिर में पहली सर्दी है। इस मौके पर उनके वस्त्रों के चयन में विशेष विचार-विमर्श किया गया है।

बदलते मौसम में रामलला को रबड़ी अथवा पेड़ा भोग लगाया जा रहा है। इसके अलावा ड्राई फ्रूट्स जैसे काजू, बादाम व पिस्ता भी दिया जा रहा है. बादाम और पिस्ता मिलाकर गर्म दूध दिया जा रहा है। भोजन में पूड़ी और हलुआ परोसा जा रहा है। इसके साथ ही ठंड बढ़ने पर गर्भगृह में कुछ और बदलाव किए जाएंगे. जैसे रामलला जहां विराजमान है वहां केवल दोपहर में ही पंखा का उपयोग किया जा रहा है. ठंड को देखते हुए दर्शन अवधि में भी राम मंदिर ट्रस्ट बदलाव करने की तैयारी कर रहा है।

रामलला को ओढ़ाया जाएगा पश्मीना शॉल

रामलला को सर्दियों में ऊनी वस्त्र पहनाए जाएंगे, जिसमें विशेष रूप से लद्दाख की पश्मीना शॉल शामिल होगी। यह शॉल न केवल गर्मी प्रदान करती है, बल्कि इसकी चमक भी लंबे समय तक बनी रहती है। ऊनी वस्त्रों का निर्माण दिल्ली में किया जा रहा है, इन पर सोने-चांदी के तारों से जड़ाई की जाएगी.  इसके बाद इन वस्त्रों को फ्लाइट के जरिए अयोध्या लाया जाएगा।

अयोध्या में ठंड का हाल

गौरतलब है कि अयोध्या में मौसम में अब बदलाव शुरू हो गया है. आज अधिकतम तापमान 30 डिग्री व न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। सुबह के समय कोहरा भी छाने लगा है, सिहरन होने लगी है. रात के समय भी ठंड का अहसास होने लगा है. ऐसे में रामलला को भी ठंड लगने लगी है।

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Nupendra Singh

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