मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत में प्रीमियम पेट्रोल महंगा, आम पेट्रोल-डीजल की कीमत स्थिर

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के असर अब भारत में भी दिखने लगे हैं। 20 मार्च से देश में प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में ₹2.09 से ₹2.35 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ोतरी ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में आई रुकावट के कारण हुई है, जो अमेरिका और इज़राइल के ईरान पर हमलों के बाद और बढ़ गई है।
सरकारी तेल कंपनियों—BPCL, HPCL और IOCL—ने अपने प्रीमियम फ्यूल जैसे स्पीड, पावर और XP95 के दाम बढ़ाए हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि साधारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम डिरेगुलेटेड हैं, यानी इनकी कीमतें तेल कंपनियां खुद तय करती हैं। उन्होंने कहा कि प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल कुल खपत का सिर्फ 2 से 4 प्रतिशत ही है, इसलिए आम लोगों पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। जानकारी के मुताबिक, पंजाब के मोहाली में पहले प्रीमियम पेट्रोल की कीमत ₹105.16 प्रति लीटर थी, जो अब बढ़कर ₹107.13 हो गई है।
दरअसल, हाल ही में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ गए हैं। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इस स्थिति का असर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर भी पड़ा है, जो दुनिया के लगभग 20% तेल और गैस सप्लाई का अहम रास्ता है।
इसी बीच, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड करीब 10% तक बढ़ा, जबकि यूरोप में गैस की कीमतें 35% तक चढ़ गईं।
कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय हालात का असर अब भारत के ईंधन बाजार पर भी दिखने लगा है। हालांकि, फिलहाल आम पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है, जिससे आम जनता को कुछ राहत जरूर मिली है।





