अमेरिका ने चीनी छात्रों के वीज़ा रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की, विदेश मंत्री मार्को रुबियो का बड़ा बयान

अमेरिका और चीन के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच एक बड़ा फैसला सामने आया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने घोषणा की है कि अमेरिका अब उन चीनी छात्रों के वीज़ा रद्द करना शुरू करेगा, जिनके चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से संबंध हैं या जो अमेरिका में किसी महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्र में अध्ययन कर रहे हैं। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी विदेश विभाग पहले ही छात्र और एक्सचेंज विजिटर वीज़ा के लिए नई नियुक्तियां अस्थायी रूप से रोक चुका है।
रुबियो ने कहा है कि उनका विभाग चीन और हांगकांग से आने वाले वीज़ा आवेदकों की जांच को और कठोर बनाएगा, जिसके लिए वीज़ा मानदंडों में संशोधन किया जा रहा है। ट्रंप प्रशासन की आव्रजन नीति के तहत यह कदम उस दिशा में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसमें सोशल मीडिया जांच को भी शामिल किया गया है। अब विदेश से आने वाले छात्रों की डिजिटल गतिविधियों की गहन जांच की जाएगी।
The U.S. will begin revoking visas of Chinese students, including those with connections to the Chinese Communist Party or studying in critical fields.
— Secretary Marco Rubio (@SecRubio) May 28, 2025
इस फैसले का सीधा असर चीनी छात्रों पर पड़ेगा। इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एजुकेशन के अनुसार, वर्ष 2023-2024 में अमेरिका में पढ़ने वाले अंतर्राष्ट्रीय छात्रों में चीन दूसरे स्थान पर था, जहां से कुल 2,77,398 छात्र अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में यह फैसला हज़ारों छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
अमेरिकी सरकार ने दुनियाभर में स्थित अपने दूतावासों को स्टूडेंट वीज़ा अपॉइंटमेंट्स को स्थगित करने का निर्देश दिया है। बताया जा रहा है कि यह रोक तब तक लागू रहेगी जब तक वीज़ा स्क्रीनिंग की नई प्रक्रिया पूरी तरह लागू नहीं हो जाती। हालाँकि, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सोशल मीडिया जांच में किन बिंदुओं को शामिल किया जाएगा।
फिलहाल, वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन माना जा रहा है कि यह कदम अमेरिका और चीन के बीच पहले से तनावपूर्ण व्यापार, ताइवान और तकनीकी मुद्दों पर चल रही खींचतान को और बढ़ा सकता है।
यह फैसला न सिर्फ द्विपक्षीय रिश्तों में नया मोड़ ला सकता है, बल्कि अमेरिका में पढ़ाई की योजना बना रहे लाखों अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए भी चिंता का कारण बन गया है।





