AlphaGenome: DNA की भाषा समझकर बीमारी की संभावना का सटीक अनुमान

गूगल ने एक नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल विकसित किया है, जो DNA में होने वाले बदलाव को समझकर बता सकता है कि इसका हमारे शरीर पर क्या असर होगा। इसे आसान शब्दों में समझें तो यह मॉडल DNA को ऐसे पढ़ता है जैसे कोई एक्सपर्ट डॉक्टर MRI, CT Scan और ब्लड रिपोर्ट एक साथ देखकर बीमारी का अनुमान लगाता है।
गूगल के मुताबिक, AlphaGenome नामक यह AI मॉडल DNA की लंबी-लंबी श्रृंखलाओं को पढ़कर किसी भी बीमारी का लगभग सटीक अंदाजा लगा सकता है। हमारे शरीर की हर कोशिका में एक खास किताब होती है, जिसे जीनोम (Genome) कहते हैं। इसमें जानकारी होती है कि हम कैसे दिखेंगे, हमारा शरीर कैसे काम करेगा और किन बीमारियों का खतरा हो सकता है। यह किताब DNA की भाषा में लिखी होती है, जिसमें करोड़ों अक्षर होते हैं।
समस्या तब होती है जब DNA के किसी एक अक्षर में बदलाव हो जाता है, क्योंकि यही बदलाव कई बार गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। अब तक वैज्ञानिकों के लिए यह समझना बहुत मुश्किल था कि छोटे बदलाव का शरीर पर क्या असर पड़ेगा। AlphaGenome इस चुनौती को आसान बना देता है।
गूगल का यह मॉडल एक बार में 10 लाख DNA को पढ़ सकता है और यह अनुमान लगा सकता है कि कौन सा जीन कहां शुरू होगा, कहां खत्म होगा, कितना RNA बनेगा, कौन सा हिस्सा एक्टिव रहेगा और कौन सा हिस्सा किसी प्रोटीन से जुड़ेगा। पहले के AI मॉडल या तो DNA का छोटा हिस्सा बहुत गहराई से देखते थे या बड़ा हिस्सा केवल मोटे तौर पर समझ पाते थे। AlphaGenome पहली बार दोनों को एक साथ करता है, यानी यह लंबा DNA भी पढ़ता है और हर हिस्से को बारीकी से समझता है।





