कैलाश- मानसरोवर यात्रा फिर से होगी शुरू, भारत और चीन के बीच हुआ समझौता

कैलाश- मानसरोवर यात्रा फिर से होगी शुरू, भारत और चीन के बीच हुआ समझौता
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने बीते बुधवार मुलाक़ात की थी। इस दौरान दोनों के बीच सीमा विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत हुई। दोनों पक्ष छह सूत्री आम सहमति पर पहुंचे, जिनमें सीमाओं पर शांति बनाए रखने और संबंधों के स्वस्थ एवं स्थिर विकास को बढ़ावा देने के लिए आगे भी कदम उठाना शामिल हैं।
आम सहमति में तिब्बत जैसे क्षेत्रों में क्रॉस-बॉर्डर टूरिज्म, क्रॉस-बॉर्डर रिवर कोऑपरेशन, नाथू-ला बॉर्डर ट्रेड और कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली जैसे विषय शामिल हैं। बॉर्डर पर पिछले कुछ वर्षों में हुईं घटनाओं के भड़कने के बाद विशेष-प्रतिनिधि स्तर की ये पहली बैठक थी।
दोनों देशों के रिश्तों में सुधर की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए दोनों देशों ने बुधवार को कैलाश-मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने के लिए ठोस कदम उठाने का फैसला किया। दोनों पक्षों ने कहा है कि सीमा पार आदान-प्रदान और सहयोग को मजबूत किया जाएगा। साथ ही भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए कैलाश-मानसरोवर की यात्रा बहाल की जाएगी, जो कि साल 2020 से ही बंद है।
गौरतलब है कि कैलाश-मानसरोवर यात्रा हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यधिक पवित्र मानी जाती है। यह यात्रा तिब्बती पठार से होकर गुजरती है, जिसमें कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है। यह पवित्र स्थान तिब्बत के स्वायत्त क्षेत्र चीन में स्थित है। यात्रा के लिए नेपाल के काठमांडू और सिमिकोट, तिब्बत के ल्हासा, और भारत के लिपुलेख पास (उत्तराखंड) और नाथूला पास (सिक्किम) जैसे रास्ते उपलब्ध हैं।





