अहमदाबाद हादसे के बाद एयर इंडिया की बड़ी कार्रवाई, तकनीकी खराबी के कारण एक ही दिन में 7 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द

अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 की दर्दनाक दुर्घटना के कुछ ही दिन बाद, एयरलाइन एक और मुश्किल में घिर गई है। मंगलवार को एयर इंडिया ने तकनीकी कारणों और विमान की अनुपलब्धता की वजह से 7 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया। इससे ना सिर्फ यात्रियों को परेशानी हुई बल्कि नागरिक उड्डयन नियामक डीजीसीए की नजरें भी एयरलाइन पर और सख्त हो गई हैं।
रद्द की गई उड़ानों में शामिल हैं:
AI915: दिल्ली से दुबई (बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर)
AI153: दिल्ली से विएना (बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर)
AI143: दिल्ली से पेरिस (बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर)
AI159: अहमदाबाद से लंदन (बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर)
AI170: लंदन से अमृतसर (बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर)
AI133: बेंगलुरु से लंदन (बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर)
AI179: मुंबई से सैन फ्रांसिस्को (बोइंग 777)
इनमें से छह उड़ानें उसी बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान से संचालित होने वाली थीं, जो अहमदाबाद हादसे में शामिल था। यह वही विमान मॉडल है जो अब भारत में किसी भी एयरलाइन द्वारा किया गया सबसे बड़ा हवाई हादसा माना जा रहा है।
फ्लाइट AI171 ने अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल भवन से टकरा कर क्रैश हो गई थी। इस हादसे में 241 यात्री और चालक दल के सदस्य मौके पर ही मारे गए, जबकि ज़मीन पर मौजूद 30 लोगों की भी जान चली गई। कुल मिलाकर 271 लोग इस त्रासदी में मारे गए।
इस हादसे के बाद DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) ने एयर इंडिया को अपने सभी बोइंग 787 विमानों की गहराई से जांच करने का आदेश दिया है। इन विमानों में GEnx इंजन लगे हैं और अब उनके टेक-ऑफ पैरामीटर, इलेक्ट्रॉनिक इंजन कंट्रोल और फ्यूल सिस्टम की बारीकी से जांच की जा रही है।
साथ ही, DGCA ने एयर इंडिया और उसकी सब्सिडियरी एयर इंडिया एक्सप्रेस के शीर्ष अधिकारियों को तलब किया है। इस उच्चस्तरीय बैठक में न सिर्फ अहमदाबाद हादसे की जांच पर चर्चा होगी, बल्कि हाल ही में एक साथ कई उड़ानों के रद्द होने पर भी सवाल उठाए जाएंगे।
अहमदाबाद हादसे के बाद एयर इंडिया की यह स्थिति एयरलाइन की सुरक्षा और संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अब देखना होगा कि DGCA की सख्ती और जांच के बाद एयर इंडिया अपनी सेवाओं में कितना सुधार कर पाती है।





