एयर इंडिया हादसे की जांच में तेजी, AAIB ने दी प्रारंभिक रिपोर्ट; अब तक 270 मौतों की पुष्टि

अहमदाबाद में 12 जून को हुए भीषण एअर इंडिया विमान हादसे की जांच में तेजी आई है। इस हादसे की जांच कर रहे विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट नागरिक उड्डयन मंत्रालय और अन्य संबंधित अधिकारियों को सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक, यह रिपोर्ट जांच के शुरुआती निष्कर्षों पर आधारित है और इसमें ब्लैक बॉक्स सहित अन्य तकनीकी पहलुओं की जानकारी शामिल की गई है। हादसे में अब तक 270 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिसमें विमान में सवार यात्रियों के अलावा जमीन पर मौजूद 29 लोग भी शामिल हैं।
Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) submits its preliminary report on the AI 171 plane crash to the Ministry of Civil Aviation and the concerned authorities. The report filed is based on the initial findings of the probe: Top sources pic.twitter.com/dTWvFY3akS
— ANI (@ANI) July 8, 2025
एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171, जो 12 जून को लंदन के लिए रवाना हुई थी, अहमदाबाद में एक मेडिकल कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस विमान में 242 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। हादसे की जांच AAIB को सौंपी गई है, जिसने अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप एक बहु-विषयक टीम गठित की है। इस टीम का नेतृत्व AAIB के महानिदेशक कर रहे हैं।
जांच में अब तक विमान के ब्लैक बॉक्स, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) को बरामद कर लिया गया है। CVR को 13 जून को एक इमारत की छत से बरामद किया गया, जबकि FDR 16 जून को मलबे से निकाला गया। इन उपकरणों को सुरक्षित तरीके से संभालने, स्टोर करने और विश्लेषण के लिए भेजने की प्रक्रिया तय मानकों के तहत की गई है।
इस हादसे में विमान में सवार केवल एक व्यक्ति जीवित बचा, जबकि बाकी सभी की मौत हो गई थी। इसके अलावा, दुर्घटनास्थल पर मौजूद 29 अन्य लोग भी जान गंवा बैठे। कुल मृतकों की संख्या 270 पहुंच चुकी है। अहमदाबाद सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि अब तक 215 शवों की डीएनए जांच के जरिए पहचान कर ली गई है। इनमें से 198 शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं। इन मृतकों में 149 भारतीय नागरिक, 32 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक शामिल हैं। इन 198 शवों में जमीन पर मारे गए सात लोगों के शव भी शामिल हैं।
बाकी बचे 55 शवों की पहचान के लिए डीएनए जांच प्रक्रिया जारी है। चूंकि कुछ शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे, इसलिए उनकी पहचान में समय लग रहा है। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया गया है।
हादसे के बाद केंद्र और राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री राहत कोष और राज्य सरकार की ओर से मुआवजे की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। साथ ही, जो परिवार इस हादसे में प्रभावित हुए हैं, उन्हें मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, चिकित्सा और कानूनी सहायता भी मुहैया कराई जा रही है। AAIB की ओर से शुरुआती रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद अब सबकी नजरें फाइनल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो हादसे के असली कारणों की विस्तृत जानकारी देगी। विशेषज्ञों की टीम फिलहाल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डिंग, पायलट की कम्युनिकेशन रिकॉर्डिंग, और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ हुई बातचीत की गहराई से जांच कर रही है।
यह भारत के उड्डयन इतिहास की सबसे बड़ी और दुखद घटनाओं में से एक बन चुकी है। उम्मीद की जा रही है कि इस हादसे से मिले सबक भविष्य की उड़ानों को और सुरक्षित बनाने में मदद करेंगे।





