ओली के इस्तीफे के बाद सुशीला कार्की को मिली नेपाल की कमान

नेपाल में जेनरेशन-ज़ी के व्यापक विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक सहमति के बाद देश की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की ने शुक्रवार को अंतरिम प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। कार्की के नाम पर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों और जेनरेशन-ज़ी आंदोलन के प्रतिनिधियों के बीच आम सहमति बनी। पदभार संभालते ही कार्की सक्रिय नजर आईं। उन्होंने दो अहम आयोगों के गठन का ऐलान किया है—पहला न्यायिक आयोग, जो हालिया हिंसा की घटनाओं की जांच करेगा, और दूसरा भ्रष्टाचार निवारक आयोग, जो देश में फैले भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच करेगा।
सूत्रों के मुताबिक, अंतरिम प्रधानमंत्री कार्की संसद भंग करने की सिफारिश करेंगी, जिस पर राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल हस्ताक्षर करेंगे। इस बीच, सिंह दरबार के एक कमरे में अंतरिम प्रधानमंत्री के लिए अस्थाई कार्यालय तैयार किया गया है। अंतरिम सरकार का कार्यकाल छह महीने का होगा और संभावना जताई जा रही है कि मार्च के पहले सप्ताह में आम चुनाव कराने की सिफारिश की जाएगी। इसके साथ ही, कैबिनेट का विस्तार भी किया जा सकता है, जिसके लिए नए मंत्रियों के नाम कार्की तय करेंगी।
गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली ने भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों के दबाव में इस सप्ताह की शुरुआत में इस्तीफा दे दिया था। सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रह चुकी हैं और अब उन्हें संक्रमणकालीन सरकार का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी मिली है। उनका मुख्य लक्ष्य देश में राजनीतिक स्थिरता बहाल करना और समय पर चुनाव कराना होगा।





