उड़ानें रद्द होने के बाद इंडिगो का फोकस ‘रीबिल्डिंग’ पर: CEO पीटर एल्बर्स

इंडिगो एयरलाइंस के सीईओ पीटर एल्बर्स ने गुरुवार (18 दिसंबर 2025) को कहा कि हाल ही में हुई बड़े पैमाने पर उड़ान रद्द होने की घटनाओं के बाद अब कंपनी का फोकस तीन बातों पर है — मजबूती (रेजिलिएंस), समस्या की जड़ की जांच (रूट कॉज एनालिसिस) और एयरलाइन को दोबारा मजबूत बनाना।
गुरुवार को कर्मचारियों के लिए जारी एक वीडियो संदेश में एल्बर्स ने कहा कि इंडिगो के ऑपरेशन अब स्थिर हो चुके हैं और एयरलाइन ने अपने नेटवर्क को दोबारा 2,200 उड़ानों तक बहाल कर लिया है। उन्होंने बताया कि अब अगला कदम एयरलाइन को फिर से खड़ा करना है।
एल्बर्स के मुताबिक, इंडिगो के बोर्ड ने पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच के लिए एक बाहरी एविएशन विशेषज्ञ को नियुक्त किया है, जो यह पता लगाएगा कि आखिर इतनी बड़ी ऑपरेशनल गड़बड़ी क्यों हुई। उन्होंने कहा कि यह समस्या कई कारणों के एक साथ जुड़ने से पैदा हुई।
सीईओ ने यह भी कहा कि वह खुद और कंपनी का शीर्ष प्रबंधन देशभर में अलग-अलग स्टेशनों पर जाकर कर्मचारियों से मुलाकात करेगा और यह समझेगा कि उड़ान बाधित होने के दौरान उन्हें किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
गौरतलब है कि दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो के कर्मचारियों को भारी नाराजगी और यात्रियों के गुस्से का सामना करना पड़ा था। एक हफ्ते से ज्यादा समय तक चले इस संकट के दौरान एयरलाइन ने अचानक सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दी थीं और कई जगह यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं और सही जानकारी भी नहीं मिल पाई थी।
1 से 9 दिसंबर के बीच इंडिगो ने हजारों उड़ानें रद्द की थीं। इसकी बड़ी वजह नए पायलट ड्यूटी और रेस्ट नियमों को लागू करने में सही योजना की कमी और क्रू की कमी बताई जा रही है। ये नियम 1 नवंबर से लागू हुए थे।
इस पूरे मामले की जांच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की एक समिति कर रही है। इसके अलावा सरकार ने भी हालिया उड़ान रद्द होने की घटनाओं को देखते हुए इंडिगो के मौजूदा विंटर शेड्यूल में 10 प्रतिशत की कटौती कर दी है।





