Youtube पर ‘AI Slop’ का खतरा: बच्चों को बचाने के लिए विशेषज्ञों ने उठाई आवाज

आज के डिजिटल युग में जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हमारे जीवन को आसान बना रहा है, वहीं इसका एक काला पक्ष भी सामने आ रहा है। हाल ही में, 200 से अधिक नागरिक समाज संगठनों और विशेषज्ञों ने YouTube और इसके मूल संगठन Google को एक खुला पत्र लिखकर बच्चों को ‘AI Slop’ (निम्न-गुणवत्ता वाले एआई-जेनरेटेड वीडियो) से बचाने की मांग की है।
क्या है ‘AI Slop’ और यह खतरनाक क्यों है?
‘AI Slop’ का तात्पर्य उन वीडियो से है जो पूरी तरह से एआई टूल्स द्वारा स्वचालित रूप से तैयार किए जाते हैं। इन वीडियो में अक्सर अजीबोगरीब एनिमेशन, तर्कहीन कहानियां और भ्रामक जानकारियां होती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये वीडियो बच्चों के मानसिक विकास, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता (Attention Span) और संज्ञानात्मक कौशल पर बुरा प्रभाव डालते हैं।
पत्र में क्या मांगें की गई हैं?
चिल्ड्रन एडवोकेसी ग्रुप ‘Fairplay’ के नेतृत्व में लिखे गए इस पत्र पर ‘द एंक्सियस जेनरेशन’ के लेखक जोनाथन हैड्ट जैसे कई दिग्गजों ने हस्ताक्षर किए हैं। इनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
1. पारदर्शिता: यूट्यूब को स्पष्ट रूप से यह बताना चाहिए कि कौन सा कंटेंट एआई द्वारा बनाया गया है।
2.बेहतर मॉडरेशन: बच्चों के लिए विशेष रूप से बनाए गए YouTube Kids प्लेटफॉर्म से ऐसे कचरा कंटेंट को हटाया जाए।
3. एल्गोरिदम में सुधार: लाभ के बजाय बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एल्गोरिदम को रीसेट किया जाए।
Youtube की प्रतिक्रिया
Youtube के सीईओ नील मोहन ने पहले ही 2026 के लिए “मैनेजिंग एआई स्लॉप” (AI Slop का प्रबंधन) को कंपनी की प्राथमिकताओं में शामिल किया है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि अब केवल बातों से काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर कड़े कदम उठाने की जरूरत है।
इंटरनेट की इस विशाल दुनिया में बच्चों की सुरक्षा केवल टेक कंपनियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि अभिभावकों को भी जागरूक रहने की जरूरत है। एआई का विकास स्वागत योग्य है, लेकिन इसे बच्चों के भविष्य की कीमत पर बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।





