जनकपुरी में गहरे गड्ढे में गिरा बाइक सवार, 25 वर्षीय युवक की मौत

दिल्ली के पश्चिमी इलाके जनकपुरी में बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। 25 वर्षीय बाइक सवार युवक गहरे खुदाई वाले गड्ढे में गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद नागरिक एजेंसियों की लापरवाही और राजधानी में निर्माण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में युवक का शव गड्ढे के अंदर पड़ा दिखा, वहीं उसकी बाइक TVS Apache RTR 200 भी वहीं गिरी मिली। हादसे के वक्त युवक हेलमेट, राइडिंग जैकेट और दस्ताने पहने हुए था, जिससे यह सवाल उठ रहे हैं कि मदद पहुंचने में कितनी देर लगी।
मृतक की पहचान कमल के रूप में हुई है, जो एचडीएफसी बैंक की रोहिणी शाखा में असिस्टेंट मैनेजर था और कैलाशपुरी का रहने वाला था। परिजनों के मुताबिक, कमल घर लौट रहा था और हादसे से कुछ देर पहले उसने अपने जुड़वां भाई करण से बात कर कहा था कि वह 10 मिनट में घर पहुंच जाएगा।
जब कमल घर नहीं पहुंचा और फोन बंद हो गया, तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने जनकपुरी, सागरपुर, विकासपुरी और रोहिणी थानों में संपर्क किया, लेकिन शुरुआत में कोई ठोस मदद नहीं मिली। बाद में पुलिस ने कमल की आखिरी लोकेशन जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास बताई। परिवार ने वहां घंटों खोजबीन की, लेकिन युवक नहीं मिला। आखिरकार गुरुवार सुबह उसका शव गड्ढे में मिला।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह खुदाई दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के काम से जुड़ी थी। परिवार का आरोप है कि गड्ढा खुला था या ठीक से ढंका नहीं गया था, जिसकी वजह से हादसा हुआ। कमल के एक दोस्त ने दावा किया कि रात करीब 1 बजे उन्होंने उसी गड्ढे को देखा था, लेकिन उस समय कमल वहां नहीं था, जिससे घटनाक्रम को लेकर संदेह भी जताया जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हर पहलू से जांच की जा रही है।
दिल्ली के शहरी विकास मंत्री और जनकपुरी विधायक आशीष सूद ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, दिल्ली जल बोर्ड ने बयान जारी कर कहा है कि सड़क पर बैरिकेडिंग और हरी सेफ्टी जाली लगाई गई थी। बोर्ड ने घटना की जांच के लिए एक कमेटी गठित करने की बात कही है, जो जल्द रिपोर्ट सौंपेगी।
इस हादसे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आईं। आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व विधायक सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया गया।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिन पहले ही ग्रेटर नोएडा में एक 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई थी। उसकी कार निर्माण स्थल के पास पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी और वह काफी देर तक मदद के लिए आवाज लगाता रहा।
इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर में निर्माण स्थलों की खराब सुरक्षा व्यवस्था को उजागर कर दिया है, जहां खुले या ठीक से चिन्हित न किए गए गड्ढे लोगों की जान पर भारी पड़ रहे हैं, खासकर रात और कम दृश्यता के समय।





