चीन से जुड़े गिरोह ने डिप्लोमेट्स पर किया साइबर अटैक, गूगल की रिपोर्ट में दावा

गूगल ने खुलासा किया है कि दक्षिण-पूर्व एशिया के कई डिप्लोमेट्स इस साल की शुरुआत में साइबर हमले का शिकार हुए। यह हमला चीन से जुड़े समूह UNC6384 ने किया था। गूगल थ्रेट इंटेलिजेंस ग्रुप ने मंगलवार को एक ब्लॉग पोस्ट में इसकी जानकारी दी।
गूगल की जांच के अनुसार, हैकर्स ने पहले पीड़ितों के वाई-फाई नेटवर्क में घुसपैठ की। इसके बाद उन्होंने उन्हें एक एडोब प्लगइन (Adobe plugin) के रूप में छिपाए गए मालवेयर को डाउनलोड करने के लिए धोखा दिया। इस मालवेयर का नाम SOGU.SEC है, जिसे डिवाइस की मेमोरी में इंस्टॉल किया गया ताकि सुरक्षा सिस्टम उसे पकड़ न पाए।
गूगल के सीनियर सिक्योरिटी इंजीनियर पैट्रिक व्हिस्ल (Patrik Whitsell) ने बताया कि करीब दो दर्जन लोगों ने यह नकली सॉफ्टवेयर डाउनलोड किया। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन देशों के डिप्लोमेट्स प्रभावित हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के विदेश मंत्रालय ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। मंत्रालय ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसी कंपनियां पहले भी चीन के खिलाफ झूठे दावे कर चुकी हैं।
यह मामला अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते साइबर तनाव को और गहरा करता है। पिछले महीने माइक्रोसॉफ्ट ने भी कहा था कि चीनी हैकर्स ने उनके सॉफ्टवेयर की कमजोरियों का इस्तेमाल कर वैश्विक संस्थानों पर हमले किए। वहीं, बीजिंग ने अमेरिका पर आरोप लगाया था कि उसके जासूस चीनी रक्षा कंपनियों को निशाना बना रहे हैं।





