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भारतीय कलाकारी और परंपरा का संगम: पीएम मोदी के अनूठे तोहफ़े

जापान की दो दिवसीय यात्रा पर, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (30 अगस्त, 2025) को अपने जापानी समकक्ष को चॉपस्टिक के साथ रेमन बाउल और उनकी पत्नी के लिए पेपर माचे बॉक्स में पशिमीना शॉल उपहार में दिया.

जापान की दो दिवसीय यात्रा पूरी करने के बाद पीएम मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन रवाना हो गए. इससे पहले, प्रधानमंत्री ने जापान के मियागी प्रांत के सेंडाई में एक सेमीकंडक्टर संयंत्र का दौरा किया.

चॉपस्टिक्स के साथ रेमन बाउल

चाँदी की चॉपस्टिक्स के साथ विंटेज कीमती पत्थर के बाउल भारतीय कलात्मकता और जापानी पाक कला परंपरा का एक अनूठा मिश्रण हैं. चार छोटे बाउल्स और चाँदी की चॉपस्टिक्स के साथ एक बड़े भूरे रंग के मूनस्टोन बाउल की विशेषता वाला यह बाउल जापान के डोनबुरी और सोबा अनुष्ठानों से प्रेरित है.

आंध्र प्रदेश से प्राप्त मूनस्टोन, व्यस्कता से चमकता है और प्रेम, संतुलन और सुरक्षा का प्रतीक है, जबकि मुख्य बाउल का आधार मकराना संगमरमर है जिसमें राजस्थान की पारंपरिक परचिन कारी शैली में अर्ध-कीमती पत्थर जड़े हुए हैं.

पेपर माशी बॉक्स में पश्मीना शॉल

जापान के प्रधानमंत्री की पत्नी को उपहार स्वरूप श्री मोदी ने पेपर माशी बॉक्स में पश्मीना शॉल भेंट की. लद्दाख की चंगथांगी बकरी के महीन ऊन से बनी यह पश्मीना शॉल अपने हल्के, मुलायम और गर्म होने के कारण दुनिया भर में सराही जाती है. कश्मीरी कारीगरों द्वारा हाथ से बुनी गई यह शॉल सदियों पुरानी परंपरा को दर्शाती है, जिसे कभी राजघराने संजोते थे. इस शॉल का आधार हाथीदांत का है और इसमें जंग, गुलाबी और लाल रंग के नाजुक पुष्प और पैस्ले डिज़ाइन हैं, जो क्लासिक कश्मीरी डिज़ाइन और शिल्प कौशल को दर्शाते हैं.

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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