
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्षी दल लगातार राज्य में कथित पेपर लीक मामलों को लेकर उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस बीच Cockroach Janta Party (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने इस मुद्दे पर अपनी पार्टी का आधिकारिक रुख स्पष्ट किया है।
सौरव दास ने क्या कहा?
एक बातचीत के दौरान सौरव दास से पूछा गया कि क्या CJP ने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और अन्य राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की भी मांग की है। इस पर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की मांग शुरू से ही स्पष्ट और सीमित थी।
सौरव दास ने कहा कि CJP का तत्काल उद्देश्य धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय कराना था, क्योंकि परीक्षा व्यवस्था और उससे जुड़े कई बड़े नीतिगत फैसले उनके मंत्रालय के तहत आते थे।
सभी शिक्षा मंत्रियों की जवाबदेही जरूरी
सौरव दास ने कहा कि उनकी पार्टी किसी एक राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है। उनका मानना है कि यदि किसी भी राज्य का शिक्षा मंत्री परीक्षा में गड़बड़ी या पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने में विफल रहता है, तो उसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि CJP पहले भी सार्वजनिक रूप से यह बात कह चुका है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में सभी जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही क्यों बनी प्राथमिक मांग?
CJP के अनुसार, देशभर में परीक्षा प्रणाली और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को देखते हुए उनकी पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करना थी। पार्टी का कहना है कि यह किसी राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा नहीं, बल्कि छात्रों के हित में उठाया गया मुद्दा था।
सौरव दास ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि किसी भी राज्य में छात्रों के साथ अन्याय होता है या शिक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आती है, तो CJP उस मुद्दे पर भी आवाज उठाएगा।
पंजाब में क्यों बढ़ा विवाद?
पंजाब में हाल के दिनों में कथित पेपर लीक मामलों को लेकर विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी सरकार को घेरा है। कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग उठाई है।
हालांकि, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई की गई और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
CJP का अगला कदम क्या होगा?
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया है, लेकिन पार्टी का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर वह आगे भी सक्रिय रहेगी।
सौरव दास ने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है। यदि भविष्य में किसी भी स्तर पर छात्रों के साथ अन्याय होता है, तो CJP उस मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाएगा।





