ईंधन की कीमतों में फिर बढ़ोतरी: 11 दिनों में चौथी बार पेट्रोल-डीजल महंगा, दिल्ली में पेट्रोल ₹100 के पार

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। यह पिछले 11 दिनों में चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़े हैं। वैश्विक कच्चे तेल बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और ईरान संघर्ष के चलते सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ने से यह वृद्धि दर्ज की गई है।
ताजा संशोधन के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹100 प्रति लीटर के पार पहुंच गई है, जिससे आम जनता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
पेट्रोल-डीजल के नए रेट
पेट्रोल की नई कीमतें (प्रमुख शहर)
- दिल्ली: ₹102.12 (₹2.61 की बढ़ोतरी)
- कोलकाता: ₹113.51 (₹2.87 की बढ़ोतरी)
- मुंबई: ₹111.21 (₹2.72 की बढ़ोतरी)
- चेन्नई: ₹107.77 (₹2.46 की बढ़ोतरी)
डीजल की नई कीमतें (प्रमुख शहर)
- दिल्ली: ₹95.20 (₹2.71 की बढ़ोतरी)
- कोलकाता: ₹99.82 (₹2.80 की बढ़ोतरी)
- मुंबई: ₹97.83 (₹2.81 की बढ़ोतरी)
- चेन्नई: ₹99.55 (₹2.57 की बढ़ोतरी)
आम जनता पर असर
इस बढ़ोतरी का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ने की आशंका है। डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ेगी, जिसका प्रभाव अंततः रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी देखने को मिलेगा।
पहले ही दूध, ब्रेड और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दामों में वृद्धि देखी जा चुकी है। ऐसे में यह नई बढ़ोतरी आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा सकती है।
वैश्विक कारण और ईरान संघर्ष का प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। खासकर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग पर तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
हालांकि, हैरानी की बात यह है कि ब्रेंट क्रूड की कीमत सोमवार को 5% से अधिक गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई, लेकिन भारत में कीमतें बढ़ाई गई हैं।
पहले क्यों रुकी थीं कीमतें?
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अप्रैल 2022 के बाद लंबे समय तक स्थिर रही थीं। 2024 लोकसभा चुनाव से पहले कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती भी की गई थी।
हालांकि, पिछले कुछ समय से बढ़ती वैश्विक लागत के कारण सरकारी तेल विपणन कंपनियों पर भारी दबाव बना हुआ था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां प्रतिदिन लगभग ₹1000 करोड़ से अधिक का नुकसान झेल रही थीं।
पिछले कुछ हफ्तों में लगातार बढ़ रही ईंधन कीमतें महंगाई को और बढ़ाने का संकेत दे रही हैं। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की अस्थिरता आने वाले समय में भी घरेलू ईंधन कीमतों को प्रभावित कर सकती है।





