AI साइंस-टेक्नोलॉजी

AI और ऑटोमेशन का असर: Oracle ने दुनियाभर में हजारों कर्मचारियों को निकाला

अमेरिकी टेक कंपनी Oracle ने बड़े स्तर पर छंटनी करते हुए दुनियाभर में करीब 20,000 से 30,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। कंपनी का कहना है कि यह कदम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन पर फोकस बढ़ाने के तहत उठाया गया है।

कई देशों में असर
यह छंटनी अमेरिका, भारत, कनाडा और लैटिन अमेरिका सहित कई देशों में की गई है। कर्मचारियों को 1 अप्रैल की सुबह ईमेल के जरिए इसकी जानकारी दी गई। इस फैसले का असर जूनियर से लेकर सीनियर स्तर के कर्मचारियों तक पड़ा है।

भारत में सबसे ज्यादा असर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में ही करीब 12,000 कर्मचारियों की नौकरी गई है। प्रभावित कर्मचारियों को कंपनी की ओर से सेवरेंस पैकेज दिया गया है, जिसमें सैलरी का भुगतान, ग्रेच्युटी, छुट्टियों का पैसा और वॉलंटरी रिजाइन करने पर अतिरिक्त फायदे शामिल हैं।

लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारी भी प्रभावित
कंपनी में 30 साल से ज्यादा समय से काम कर रही सिक्योरिटी एक्सपर्ट नीना लुईस ने इस फैसले को चौंकाने वाला बताया। उनका कहना है कि यह समझना मुश्किल है कि किन आधारों पर कर्मचारियों का चयन किया गया।

AI बना वजह
कंपनी का कहना है कि AI और ऑटोमेशन के कारण कई पद अब जरूरी नहीं रह गए हैं, इसलिए ऑपरेशन को आसान बनाने के लिए यह कदम उठाया गया।

अच्छे प्रदर्शन के बावजूद छंटनी
हैरानी की बात यह है कि कंपनी की कमाई में 22% की बढ़ोतरी हुई है और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश भी बढ़ाया जा रहा है। इसके बावजूद इतनी बड़ी छंटनी की गई है।

अन्य कंपनियां भी कर रहीं कटौती
Oracle के अलावा Meta, Microsoft, Disney और ASML जैसी बड़ी कंपनियां भी कर्मचारियों की संख्या घटा रही हैं।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ता ऑटोमेशन नौकरी के बाजार को बदल रहा है, जिससे जॉब सिक्योरिटी और अनुभव (institutional knowledge) को लेकर चिंता बढ़ रही है।

निष्कर्ष
कुल मिलाकर, AI और नई तकनीकों के कारण कंपनियां अपने काम करने के तरीके बदल रही हैं, जिसका सीधा असर कर्मचारियों पर पड़ रहा है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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