
Assam में अवैध घुसपैठ के खिलाफ राज्य सरकार का सख्त अभियान जारी है। रविवार, 26 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जानकारी दी कि राज्य में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले 20 विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया और उन्हें वापस बांग्लादेश भेज दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक कड़ा संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, “अशिष्ट लोग कोमल भाषा नहीं समझते। जब हम असम से उन घुसपैठियों को बाहर निकालते हैं जो खुद जाने को तैयार नहीं होते, तो हम इस भविष्यवाणी को लगातार याद करते हैं। उदाहरण के लिए, इन 20 अवैध बांग्लादेशियों को कल रात वापस भेज (PUSHED BACK) दिया गया है।”
घुसपैठ पर जीरो टॉलरेंस की नीति
मुख्यमंत्री सरमा का यह बयान राज्य की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दर्शाता है। असम लंबे समय से अवैध आप्रवासन की समस्या से जूझ रहा है, जिससे राज्य की जनसांख्यिकी और स्थानीय संस्कृति पर प्रभाव पड़ने की चिंता जताई जाती रही है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) और असम पुलिस के संयुक्त प्रयासों से हाल के महीनों में सीमा पर चौकसी बढ़ाई गई है।
सुरक्षा और राजनीति
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पूर्वोत्तर राज्यों में सीमा सुरक्षा एक संवेदनशील मुद्दा बनी हुई है। सरकार का तर्क है कि राज्य की आंतरिक सुरक्षा और संसाधनों की रक्षा के लिए अवैध घुसपैठियों की पहचान और उनका निर्वासन अनिवार्य है। मुख्यमंत्री के इस तीखे बयान ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि घुसपैठ के मुद्दे पर प्रशासन किसी भी प्रकार की नरमी बरतने के मूड में नहीं है।





