अमेरिका में 10 भारतीयों पर वीजा फ्रॉड का आरोप, फर्जी लूट की रची साजिश

अमेरिका में 10 भारतीय नागरिकों पर वीजा धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में आरोप तय किए गए हैं। यह मामला मैसाचुसेट्स राज्य में फर्जी लूटपाट की घटनाएं रचने से जुड़ा है, जिसका मकसद इमिग्रेशन प्रक्रिया में फायदा उठाना था। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, इन लोगों ने मिलकर एक साजिश के तहत कई दुकानों में नकली हथियारबंद लूट की घटनाएं करवाईं। जांच में सामने आया कि मार्च 2023 में मैसाचुसेट्स के कम से कम छह स्टोर्स में ऐसी फर्जी लूट की घटनाएं कराई गईं।
इस साजिश के तहत एक व्यक्ति नकली “लुटेरा” बनकर दुकान में आता था, बंदूक दिखाकर कैश लेता और भाग जाता था। वहीं, दुकान के कर्मचारी जानबूझकर कुछ मिनट इंतजार करने के बाद पुलिस को सूचना देते थे, ताकि मामला असली लगे। इन घटनाओं के वीडियो सीसीटीवी में रिकॉर्ड किए जाते थे।
बताया गया है कि इन फर्जी घटनाओं का इस्तेमाल U वीजा पाने के लिए किया जा रहा था। यह वीजा उन लोगों को मिलता है जो किसी अपराध के शिकार हुए हों और जांच में पुलिस की मदद करते हैं।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड रंभाई पटेल था, जो लोगों से पैसे लेकर उन्हें “पीड़ित” बनाता था। बदले में वह दुकानदारों को भी पैसे देकर उनके स्टोर्स में नकली लूटपाट कराता था। इस साजिश में एक ड्राइवर भी शामिल था, जो घटना के बाद “लुटेरे” को वहां से निकालता था।
इस मामले में शामिल सभी आरोपियों पर वीजा फ्रॉड की साजिश रचने का आरोप है। अगर दोषी साबित होते हैं, तो उन्हें अधिकतम 5 साल की जेल, 3 साल की निगरानी और 2.5 लाख डॉलर तक का जुर्माना हो सकता है। कुछ आरोपियों को इमिग्रेशन कस्टडी में लिया गया है, जबकि बाकी को सजा के बाद डिपोर्ट किया जा सकता है।





