दूषित पेयजल मामला: इंदौर में 6 मौतों के बाद दो वरिष्ठ अधिकारी निलंबित

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पेयजल के कारण उल्टी-दस्त की गंभीर बीमारी फैलने से अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है और 200 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह जानकारी शनिवार (3 जनवरी 2026) को एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि फिलहाल शहर के 41 अस्पतालों में कुल 203 मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें से 34 मरीजों की हालत गंभीर है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है, जहां उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।
इससे पहले शुक्रवार को इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा था कि उन्हें बीमारी से 10 लोगों की मौत की सूचना मिली है। वहीं, भगिरथपुरा इलाके के स्थानीय लोगों का दावा है कि इस बीमारी से 16 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें एक छह महीने का बच्चा भी शामिल है।
स्वास्थ्य संकट को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर कड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को हटाने (तबादला करने) के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही अतिरिक्त नगर निगम आयुक्त रोहित सिसोनिया और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रभारी अधीक्षण अभियंता संजीव श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है।
राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में दाखिल अपनी स्थिति रिपोर्ट में बताया है कि दूषित पानी की आपूर्ति से फैली दस्त की बीमारी अब नियंत्रण में है। हालात पर हर मिनट नजर रखी जा रही है ताकि बीमारी दोबारा न फैल सके।





