मोदी की हुंकार से विपक्ष की बोलती बंद, कहा ऑपरेशन सिंदूर पर एनडीए का गर्व

संसद के मानसून सत्र के बीच मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए संसदीय दल की बैठक को संबोधित किया। यह बैठक न सिर्फ ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न थी, बल्कि विपक्ष को दिए गए तीखे संदेशों का भी मंच बनी। पीएम मोदी ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर बहस की मांग कर बड़ी भूल की, जिससे उन्हें ही नुकसान हुआ।
पीएम मोदी ने विपक्ष पर साधा निशाना
मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर पर बहस की मांग कर खुद ही गलती कर दी। पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विपक्ष को इस बहस में बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा और उन्होंने “खुद को नुकसान पहुंचाया”। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री के बयान को सुनकर सांसदों ने जोरदार तालियों के साथ समर्थन जताया।
ऑपरेशन सिंदूर पर एनडीए का गर्व
बैठक का माहौल जोश और उत्साह से भरा हुआ था। जैसे ही प्रधानमंत्री पहुंचे, पूरे हॉल में ‘जय श्री राम’ और ‘हर हर महादेव’ के नारों की गूंज सुनाई दी। एनडीए सांसदों ने प्रधानमंत्री का मालाएं पहनाकर और तालियों से स्वागत किया। सांसदों ने साफ तौर पर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है और यह एनडीए सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह गर्मजोशी भरा स्वागत मई महीने में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हुए सफल सैन्य अभियान ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव की कामयाबी के बाद हुआ। बैठक में इन अभियानों को लेकर एक प्रस्ताव भी पास किया गया, जिसमें सेना की बहादुरी और सरकार की निर्णायक कार्रवाई की सराहना की गई।
पल भर की शांति—शहीदों को श्रद्धांजलि
जहां एक ओर बैठक का माहौल उत्सव जैसा था, वहीं दूसरी ओर उसमें एक भावुक क्षण भी आया। सांसदों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा। एनडीए नेताओं ने इस मौके पर शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।
नए सांसदों से हुई मुलाकात
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एनडीए में हाल ही में चुने गए नए सांसदों से मुलाकात की। उन्हें औपचारिक रूप से पीएम से मिलवाया गया। यह मुलाकात एनडीए की ‘नवसंचार नीति’ यानी नए जनप्रतिनिधियों को नेतृत्व से जोड़ने की पहल का हिस्सा थी।
उपराष्ट्रपति चुनाव पर चर्चा
यह बैठक ऐसे समय पर हुई जब संसद का मानसून सत्र जारी है और उपराष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। 7 अगस्त से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है और 21 अगस्त को नामांकन की अंतिम तिथि है। एनडीए के पास लोकसभा और राज्यसभा मिलाकर 782 सांसदों का बहुमत है, इसलिए उनके उम्मीदवार के निर्विरोध जीतने की पूरी संभावना जताई जा रही है।





