“आतंकियों के आकाओं को भी मार गिराया, फिर भी चेहरों पर स्याही क्यों?” – लोकसभा में गरजे अमित शाह

आज संसद के मानसून सत्र का सातवां दिन है और विपक्षी दल पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सरकार से तीखे सवाल पूछने की तैयारी में हैं। इस मुद्दे पर पहले दिन की बहस के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सरकार की ओर से जवाब दिया था। वहीं, विपक्ष ने सुरक्षा व्यवस्था में चूक और जिम्मेदारी तय करने के सवाल पर सत्ताधारी दल को घेरा। आज ऑपरेशन सिंदूर पर गृहमंत्री अमित शाह ने सरकार का पक्ष रखा।
गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में ऑपरेशन महादेव पर बोलते हुए कहा कि पहलगाम हमले में शामिल तीनों आतंकियों को ढेर कर दिया गया है और उन्हें भेजने वाले आकाओं को भी मार गिराया गया है। उन्होंने कहा, “मुझे लगा यह खबर सुनकर सदन में संतोष की भावना होगी, लेकिन कुछ चेहरों पर तो जैसे स्याही पड़ गई। क्या आतंकियों के मारे जाने से भी किसी को तकलीफ है?”
अमित शाह ने कहा कि हमला 1 बजे हुआ था और वे उसी शाम साढ़े 5 बजे श्रीनगर पहुंच गए थे। सुरक्षा एजेंसियों ने मई से जुलाई तक आतंकियों की लोकेशन को ट्रैक किया और जैसे ही पुख्ता सूचना मिली, तीनों आतंकियों – सुलेमान उर्फ फैजल जट, अफगान और जिब्रान – को ढेर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन में बरामद हथियारों की फॉरेंसिक जांच से भी पुष्टि हुई है कि ये वही आतंकी थे।
लोकसभा में बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहलगाम हमले में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद की घटनाओं में मारे गए व घायल हुए लोगों के प्रति भी श्रद्धांजलि दी। शाह ने कहा, “पहलगाम जैसी घटनाओं पर न सिर्फ चर्चा होनी चाहिए, बल्कि गंभीर चिंता भी जताई जानी चाहिए।”
इसके साथ ही उन्होंने ऑपरेशन महादेव की जानकारी साझा करते हुए कहा, “कल सुरक्षाबलों ने एक संयुक्त अभियान में तीन आतंकियों को ढेर किया है। इनमें से एक लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर सुलेमान था, जो पहलगाम हमले में शामिल था। हमारे पास इसके पुख्ता सबूत हैं। बाकी दो आतंकी भी A-ग्रेड के थे। मैं देश को यह बताना चाहता हूं कि बैसारण घाटी में जिन आतंकियों ने हमारे निर्दोष लोगों की जान ली थी, वे यही तीनों थे और अब तीनों मारे जा चुके हैं।”




