भारत

‘1206’… जिस नंबर को माना लकी, उसी नंबर ने ली विजय रुपाणी की जान!

गुजरात के अहमदाबाद में 242 यात्रियों को लेकर जा रहा एयर इंडिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है, राज्य पुलिस नियंत्रण कक्ष ने इसकी पुष्टि की है. विमान में सवार लोगों में 169 भारतीय नागरिक, 53 ब्रिटिश नागरिक, एक कनाडाई और सात पुर्तगाली नागरिक थे. इस घातक प्लेन क्रैश में अभी तक 265 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.

इस हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की भी मौत हो गई जो अहमदाबाद से लंदन जा रहे थे. विजय वहां अपनी पत्नी अंजलि और बेटी से मिलने जा रहे थे. विजय रुपाणी के निधन की तारीख यानि 12 जून या 12-06 ले जुड़ा एक संयोग सामने आया है.

पूर्व सीएम इस नंबर को अपने लिए लकी मानते थे. ‘1206’ यह नंबर उनके लिए इतना खास था कि उनकी गाड़ियों का नंबर भी शुरुआत से यही रहा. लेकिन गुरुवार को यही संख्या उनके लिए अशुभ साबित हो गई.

वियज रुपाणी के लिए गुरुवार को उनका सबसे लकी नंबर ‘1206’ ही अनलकी साबित हो गया. विजय रुपाणी की पहली कार और वर्षों पुराने स्कूटर, दोनों का नंबर 1206 ही था. वह इस नंबर को अपने लिए बेहद शुभ मानते थे. आज भी यह कार और स्कूटर उनके घर के बाहर पार्क है. लेकिन, एक बुरे संयोग की बात है कि गुरुवार की तारीख भी 12-06 थी जो उनके जीवन का अंतिम दिन बन गई.

 

एयर इंडिया के विमान में सवार थे रुपाणी-
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी अहमदाबाद से लंदन जाने वाली उस विमान में सवार थे, जो क्रैश हो गया. इस विमान में 242 लोग सवार थे. इसमें से 12 क्रू मेंबर्स थे. हालांकि इस हादसे में विमान में सवार सिर्फ एक शख्स की जान बची है. उस मुसाफिर का नाम विश्वास कुमार रमेश है. इसके अलावा इस हादसे में विमान में सवार 241 लोगों की मौत हो गई है. ये विमान डॉक्टर्स के हॉस्टल पर गिरा, जिसमें कई लोगों की मौत हुई है. इस हादसे में अब तक 265 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. हालांकि अभी भी कई लोगों का इलाज अस्पताल में चल रहा है.

If you want to fact-check any story, WhatsApp it now on +91 11 7127 9799 or Click Here

 

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button