भारत

रामनगरी अयोध्या में हुआ ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा समारोह, भव्य राम दरबार में विराजे भगवान राम

रामनगरी अयोध्या के इतिहास में एक और गौरवशाली अध्याय जुड़ गया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में भगवान राम की भव्य प्राण प्रतिष्ठा विधिवत संपन्न हुई। वैदिक मंत्रों की गूंज, शंखध्वनि और यज्ञ की सुगंध से मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण छा गया।

सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिर परिसर में आचार्यों, पंडितों और संतों की मौजूदगी में धार्मिक अनुष्ठान आरंभ हुए। दोपहर 11:30 से 12 बजे के बीच शुभ अभिजीत मुहूर्त में प्रथम तल पर स्थित राम दरबार में भगवान राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान सहित सात मंदिरों में देव विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा की गई। यह समारोह गंगा दशहरा के पावन अवसर पर आयोजित किया गया।


प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी देव विग्रहों का अभिषेक किया और श्रीराम दरबार की मूर्तियों से आवरण हटाकर पहली आरती की। भगवान राम का आभूषणों से विशेष श्रृंगार किया गया। इस भव्य आयोजन में अयोध्या के 19 प्रमुख संत-धर्माचार्य, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी भी शामिल रहे। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी ने हनुमानगढ़ी जाकर पूजा-अर्चना की। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष के अनुसार, मंदिर का शेष निर्माण कार्य भी शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा।

प्राण प्रतिष्ठा का यह आयोजन तीन दिवसीय अनुष्ठान का अंतिम चरण था, जिसकी शुरुआत 3 जून को हुई थी। आयोजन के मुख्य दिन 5 जून को राम मंदिर परिसर को फूलों और मालाओं से भव्य रूप से सजाया गया था। मुख्यमंत्री योगी और संतों के साथ-साथ देशभर से आए लगभग एक हजार विशिष्ट अतिथियों ने इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त किया।

रामनगरी के लिए यह दिन आस्था, संस्कृति और अध्यात्म के अभूतपूर्व संगम का प्रतीक बन गया, जब भगवान श्रीराम अपने भव्य और दिव्य मंदिर में विधिपूर्वक विराजमान हुए।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button