गुजरात सीमा पर सैन्य गतिविधि तेज, IAF ने NOTAM जारी कर दी चेतावनी

भारतीय वायुसेना 4 जून को गुजरात के तटीय इलाके में एक बड़ा सैन्य अभ्यास करने जा रही है। यह अभ्यास बुधवार दोपहर 3:30 बजे से शुरू होकर रात 9 बजे तक चलेगा। इसके लिए NOTAM (नोटिस टू एयरमेन) जारी किया गया है, जिससे संबंधित हवाई क्षेत्र में अस्थायी प्रतिबंध लागू रहेगा। इस अभ्यास में वायुसेना के अत्याधुनिक फाइटर जेट्स शामिल होंगे, जिनमें राफेल, सुखोई-30 और जगुआर जैसे विमान प्रमुख हैं। अभ्यास का उद्देश्य भारतीय वायुसेना की ऑपरेशनल रेडीनेस यानी युद्ध तत्परता को जांचना और मजबूत करना है। इसमें दुश्मन के लक्ष्यों को अनुकरण कर सटीक हमले की क्षमताओं का परीक्षण भी किया जाएगा।
गौरतलब है कि गुजरात का यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में भारतीय वायुसेना का यह कदम न केवल सुरक्षा तैयारियों को पुख्ता करेगा, बल्कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने की क्षमता को भी दर्शाएगा।
NOTAM यानी ‘नोटिस टू एयरमेन’ एक विशेष सूचना होती है, जो पायलटों और विमानन क्षेत्र के अन्य कर्मचारियों को संभावित खतरों या बदलावों के बारे में सचेत करने के लिए जारी की जाती है। इसका उद्देश्य उड़ान सुरक्षा को सुनिश्चित करना होता है। इसमें अस्थायी हवाई क्षेत्र प्रतिबंध, सैन्य अभ्यास, मौसम संबंधी बदलाव या रनवे की स्थिति जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां होती हैं।
इससे पहले मई की शुरुआत में भारतीय वायुसेना ने 7 और 8 मई को भारत-पाकिस्तान सीमा के दक्षिणी हिस्से में भी एक बड़े हवाई अभ्यास के लिए NOTAM जारी किया था। उस अभ्यास में भी राफेल, मिराज 2000 और सुखोई-30 जैसे अग्रिम पंक्ति के विमान शामिल थे। राजस्थान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हुआ वह युद्धाभ्यास भी भारतीय वायुसेना की नियमित ऑपरेशनल ड्रिल का हिस्सा था।
गौरतलब है कि हाल ही में भारतीय वायुसेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था। इस ऑपरेशन में वायुसेना की रणनीतिक क्षमता और प्रभावशाली हवाई हमलों को पूरी दुनिया ने देखा। इससे यह साबित हुआ कि भारतीय वायुसेना हर मोर्चे पर पूरी तरह तैयार है। गुजरात के तटीय इलाकों में होने वाला यह अभ्यास भारतीय वायुसेना की सतर्कता और युद्ध तैयारियों का प्रमाण है। ऐसे अभ्यास न केवल सेना की क्षमता को बेहतर बनाते हैं, बल्कि देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाते हैं।





