आर्मीनिया से 90 कश्मीरी छात्र आज रात दिल्ली पहुंचेंगे, भारत का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध का असर अब दुनिया के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है। इस तनावपूर्ण माहौल में भारत ने भी अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी कड़ी में आर्मीनिया में फंसे जम्मू-कश्मीर के 90 छात्रों को आज रात दिल्ली लाया जा रहा है। ये सभी छात्र इजरायल-ईरान युद्ध के चलते फंसे हुए थे। भारत सरकार इन छात्रों को सुरक्षित वापस लाने के लिए लगातार कोशिशें कर रही है।
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन द्वारा साझा किए गए वीडियो में ज़वार्टनॉट्स इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर छात्रों के निकलने की तस्वीरें सामने आई हैं। इससे साफ है कि इस युद्ध का असर सिर्फ युद्ध क्षेत्रों में नहीं, बल्कि आस-पास के देशों में मौजूद छात्रों और आम नागरिकों पर भी हो रहा है।
उधर, बढ़ते तनाव को देखते हुए ब्रिटेन ने भी ऐहतियातन अपने राजनयिक स्टाफ के परिवारों को इजरायल से हटा लिया है। ब्रिटिश विदेश कार्यालय ने बताया कि तेल अवीव और यरुशलम में मौजूद दूतावासों में काम कर रहे अधिकारियों के परिवारों को अस्थायी रूप से वहां से निकाल लिया गया है। हालांकि, मुख्य स्टाफ वहीं रहेगा।
बुधवार दोपहर ईरान की राजधानी तेहरान में एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए। शहर के पूर्वी हिस्से में काले धुएं का गुबार उठता देखा गया। ये धमाके स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 3:30 बजे हुए।
हालांकि, धमाकों की असली वजह का अब तक पता नहीं चला है, लेकिन माना जा रहा है कि ये इजरायल के उन हमलों का हिस्सा हो सकते हैं जो ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर किए जा रहे हैं। आज ही इजरायल ने पुष्टि की है कि उसने पश्चिमी ईरान में 40 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
ईरान ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका इस युद्ध में इजरायल का साथ देता है या उसके किसी बेस से हमला होता है, तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान केवल सीधा युद्ध नहीं करेगा, बल्कि वह अपनी क्षेत्रीय मिलिशिया और प्रॉक्सी नेटवर्क जैसे हिज़्बुल्लाह (लेबनान), यमनी हूती, इराक और सीरिया में सक्रिय गुटों के ज़रिए भी हमला कर सकता है।
अब जब इजरायल के हमले तेज हो गए हैं और अमेरिका अपने अगले कदम पर विचार कर रहा है, तो खतरा बढ़ता जा रहा है कि यह संघर्ष किसी एक देश तक सीमित न रहकर पूरे क्षेत्र में फैल सकता है।





