AIR India द्वारा व्हीलचेयर देने से इनकार करने पर 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला घायल

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) के टर्मिनल 3 पर एयर इंडिया की बड़ी लापरवाही सामने आई है. एक 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला, जो एक लेफ्टिनेंट जनरल की विधवा हैं, एयरलाइन द्वारा पहले से बुक की गई व्हीलचेयर न मिलने के कारण गिर गईं. उनके शरीर पर गंभीर चोटें आईं, लेकिन फिर भी खून बहते हुए ही उन्हें फ्लाइट में चढ़ा दिया गया.
82 वर्षीय राज पसरीचा 4 मार्च को एयर इंडिया की फ्लाइट A12600 से दिल्ली से बेंगलुरु जा रही थीं. उनकी पोती पारुल कंवर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि उन्होंने व्हीलचेयर पहले ही बुक कर ली थी, लेकिन एयर इंडिया ने एयपोर्ट पर व्हीलचेयर नहीं दी.
घायल महिला की पोती ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, मैं यह पोस्ट इसलिए कर रही हूं क्योंकि मेरे पास कोई विकल्प नहीं है, और क्योंकि यह मुझे क्रोधित करता है कि मानव जीवन और भलाई का एयरइंडिया के लिए कोई मूल्य नहीं है, आपने मेरी दादी के साथ इतना बुरा व्यवहार किया, और इतना कम सम्मान दिया. आपको शर्म आनी चाहिए.

सोशल मीडिया पर एक्स पर महिला की पोती पारुल कंवर ने आरोप लगाया कि उनकी 82 वर्षीय दादी को दिल्ली एयरपोर्ट पर व्हीलचेयर नहीं दी गई, जबकि एयर इंडिया ने पहले से ही व्हीलचेयर बुक कर रखी थी, जिसके कारण वह गिर गईं और उन्हें गंभीर चोटें आईं हैं. उन्होंने आगे कहा कि हमने स्टाफ से फर्स्ट एड (प्राथमिक उपचार) देने को कहा. लेकिन वो भी नहीं दिया गया और जब व्हीलचेयर आखिरकार आई, तो वह खून से लथपथ होंठ और सिर और नाक पर चोट के साथ विमान में चढ़ीं. पोती ने कहा कि उसकी दादी दो दिनों से आईसीयू में है और उसके शरीर का बायां हिस्सा कमजोर होता जा रहा है.
पारुल ने एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया को टैग करते हुए लिखा, आपने मेरी दादी के साथ इतना बुरा व्यवहार किया, और इतना कम सम्मान दिया. आपको शर्म आनी चाहिए. पारुल ने बताया कि 4 मार्च 2025 को दिल्ली से बैंगलोर वापस जाने के लिए, हमने अपनी 82 वर्षीय दादी (एक सम्मानित लेफ्टिनेंट जनरल की विधवा, जिन्होंने कई युद्धों में भारत के लिए लड़ाई लड़ी है) के लिए एयरलाइन द्वारा पुष्टि की गई व्हीलचेयर बुक की थी. हवाई अड्डे पर पहुंचने पर उन्हें व्हीलचेयर नहीं दी गई. हमने लगभग एक घंटे तक कोशिश की, एयरलाइन स्टाफ, एयरपोर्ट हेल्प डेस्क, इंडिगो से वैकल्पिक एयरलाइन स्टाफ से अनुरोध किया. इंडिगो के स्टाफ के पास एक व्हीलचेयर थी. लेकिन उन्होंने भी चेयर देने से मना कर दिया.
पारुल ने आगे कहा कि फ्लाइट क्रू ने आइस पैक लगाने में मदद की और चिकित्सा सहायता के लिए बैंगलोर एयरपोर्ट को पहले ही बुला लिया, जहां उसे एक डॉक्टर ने देखा और 2 टांके लगाए. आज, मैं यहां ICU से यह टाइप कर रही हूं. संभावित ब्रेन ब्लीडिंग के लिए उसे 2 दिनों तक निगरानी में रखा गया है. मेरे माता-पिता देखते हैं कि डॉक्टर उसे दवा दे रहे हैं और उनका बायां हिस्सा कमजोर होता जा रहा है. जहां तक हम देखते हैं, उनको दर्द है और ठीक होने में अभी लंबा समय लग सकता है, जिसकी वह हकदार नहीं थी. हमने DGCA और एयर इंडिया में शिकायत दर्ज कराई है और कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं. 3 मार्च को अपने पोते की शादी में अपनी दादी की तस्वीरें संलग्न कर रही हूं, उसके बाद 4 और 5 मार्च को उनकी स्थिति.
पारुल की शिकायत पर एयर इंडिया की प्रतिक्रिया
पारुल कंवर की शिकायत पर प्रतिक्रिया देते हुए एयर इंडिया ने कहा कि प्रिय सुश्री कंवर, हम इसे देखकर चिंतित हैं और पसरीचा के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं. हम इस संबंध में आपसे कॉल पर जुड़ना चाहते हैं और आपसे अनुरोध करते हैं कि आप अपना संपर्क नंबर और सुविधाजनक समय डीएम (प्रत्यक्ष संदेश) के माध्यम से साझा करें.
जब पारुल कंवर ने यह कहते हुए जवाब दिया कि वह नहीं चाहतीं कि एयरलाइन उन्हें “उचित जांच और जांच” के बिना बुलाए, तो एयरलाइन ने लिखा कि प्रिय सुश्री कंवर, हम ईमानदारी से आपकी दादी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं. हम आपकी चिंता पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं और आपको आश्वासन देते हैं कि हम जल्द से जल्द पूरी जानकारी साझा करेंगे.





