जलजीवन मिशन एप को लॉन्च कर बोले पीएम मोदी, ‘हमें अपनी आदतें बदलनी होंगी, पानी की कमी, विकास में बाधा न बनें’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ग्राम पंचायतों से संवाद के बाद जल जीवन मिशन के मोबाइल ऐप और राष्ट्रीय जल जीवन कोष को लॉन्च किया। इस दौरान उन्होंने पानी समितियों से भी वर्चुअली संवाद किया। पीएम मोदी ने कहा, जल संरक्षण हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए हमें युद्ध स्तर पर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि पानी को हमें प्रसाद की तरह इस्तेमाल करना चाहिए। हमें पानी को लेकर आदतें बदलनी होंगी। पानी बर्बाद करने से लोग बचें। साथ ही किसान भी कम पानी वाली फसलों पर ज्यादा जोर दें।
Interacting with Gram Panchayats and Pani Samitis across India. https://t.co/Mp3HemaAZD
— Narendra Modi (@narendramodi) October 2, 2021
कई गांव खुले में शौच से हुए मुक्त।
पीएम मोदी ने कहा कि इस साल बापू की जयंती आजादी के अमृत महोत्सव के कालखंड में साथ-साथ मना रहे हैं।आज देश के शहर और गांव खुले में शौच से मुक्त घोषित कर चुके हैं। आज 40 हजार ग्राम पंचायतों ने सिंगल यूज प्लास्टिक को भी बंद करने का फैसला किया गया है। लंबे समय तक उपेक्षा की शिकार रही खादी और हैंडीक्राफ्ट की बिक्री भी कई गुना हो रही है। इन्हीं सभी प्रयासों के साथ भारत आत्मनिर्भर बनने की ओर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि ग्राम स्वराज का विजन आगे बढ़े।
लेकिन बहुत कम ही लोगों के मन में ये सवाल उठता है कि आखिर इन लोगों को हर रोज किसी नदी या तालाब तक क्यों जाना पड़ता है, आखिर क्यों नहीं पानी इन लोगों तक पहुंचता?
मैं समझता हूं, जिन लोगों पर लंबे समय तक नीति-निर्धारण की जिम्मेदारी थी, उन्हें ये सवाल खुद से जरूर पूछना चाहिए था: PM
— PMO India (@PMOIndia) October 2, 2021
पूर्वोत्तर हो या बुंदेलखंड सब जगह पहुंचेगा पानी।
पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि चाहे पूर्वोत्तर हो या बुंदेलखंड देश का कोई भी हिस्सा पीने की पानी की समस्या का सामना नहीं करेगा। पीएम मोदी ने ये भी कहा कि वो हर रोज इस काम में लगे हैं, जिससे देश की माताओं और बहनों को पानी की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। पीएम मोदी ने कहा कि पानी का मूल्य वही जानता है, जो पानी के अभाव में रहता है। उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि हमें पानी बचाने के लिए प्रयास करना चाहिए।
मैं तो गुजरात जैसा राज्य से हूं जहां अधिकतर सूखे की स्थिति मैंने देखी है। मैंने ये भी देखा है कि पानी की एक-एक बूंद का कितना महत्व होता है।
इसलिए गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए, लोगों तक जल पहुंचाना और जल संरक्षण, मेरी प्राथमिकताओं में रहे: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) October 2, 2021
हमें अपनी आदतें बदलनी होंगी।
पीएम मोदी ने कहा कि हमें आदतें बदलनी होंगी। कई जगह नलों से पानी बहते हुए देखा है। कई जगह लोग पानी के नल के नीचे बाल्टी को उल्टा करके रख देते हैं। इस तरह की बर्बादी को रोका जाना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि अटल भूजल योजना के तहत पानी के जलस्तर को ऊपर उठाने का काम किया जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारा उद्देश्य सही पोषण के साथ साफ पानी पहुंचाना है। सही पोषण के लिए भी केंद्र सरकार 54 हजार करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है।
एक छोटा सा कुआं प्यास बुझा सकता है।
पीएम मोदी ने कहा कि पानी का एक छोटा सा कुआं लोगों की प्यास बुझा सकता है, लेकिन इतना बड़ा समंदर ऐसा नहीं कर पाता है। किसी का एक छोटा सा प्रयास बहुत बड़ा काम कर देता है। पानी समितियों के लिए भी ये बात सही साबित होती है. ये पानी समितियां गरीबों, दलितों, वंचितों और आदिवासियों के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव ला रही हैं। जिन लोगों को आजादी के सात दशकों तक नल से जल नहीं मिल पाया था।
मैं देश के हर उस नागरिक से कहूंगा जो पानी की प्रचुरता में रहते हैं, कि आपको पानी बचाने के ज्यादा प्रयास करने चाहिए।
और निश्चित तौर पर इसके लिए लोगों को अपनी आदतें भी बदलनी ही होंगी: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) October 2, 2021
एक छोटे से जल ने उनकी दुनिया ही बदल दी है। पानी की समितियों को महिलाएं कुशलता से चला रही हैं। विशेष तौर पर पानी की जांच के लिए ट्रेनिंग भी ले रही हैं। महिलाओँं का सशक्तिकरण हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है। पीएम मोदी ने कहा कि हमने दुनिया को दिखाया है कि हम मिलकर किसी भी कठिनाई का सामना कर सकते हैं ।हम सभी को मिलकर जल जीवन मिशन को सफल बनाना है।
आज देश के लगभग 80 जिलों के करीब सवा लाख गांवों के हर घर में नल से जल पहुंच रहा है।
यानि पिछले 7 दशकों में जो काम हुआ था, आज के भारत ने सिर्फ 2 साल में उससे ज्यादा काम करके दिखाया है: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) October 2, 2021
मोबाइल ऐप भी पीएम मोदी ने किया लॉन्च।
पीएम मोदी ने आज जल जीवन मिशन के मोबाइल ऐप और राष्ट्रीय जल जीवन कोष को लॉन्च किया। राष्ट्रीय जल जीवन कोष के तहत ग्रामीण इलाकों में घरों, स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर जल आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी और नल लगवाए जाएंगे। इस कोष में कोई भी व्यक्ति, संस्थान, कंपनी व NGO दान कर सकता है।
बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त, 2019 में जल जीवन मिशन की घोषणा की थी। इस मिशन का उद्देश्य हर घर में पानी की सप्लाई पहुंचाना है। वर्तमान में सिर्फ ग्रामीण इलाकों में सिर्फ 17 प्रतिशत लोगों के पास ही पानी की सप्लाई है।





