गाजा में इजराइली हमलों में 25 की मौत, यरूशलम पहुंचे अमेरिका के नए राजदूत

गाजा पट्टी में इजराइल के हवाई हमलों का कहर लगातार जारी है। शुक्रवार को हुए हमलों में कम से कम 25 लोग मारे गए, जिनमें कई बच्चे और एक गर्भवती महिला शामिल हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका के नए राजदूत माइक हकाबी ने यरूशलम पहुंचकर एक प्रमुख सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लिया।
गाजा के दक्षिणी शहर खान यूनिस में तीन अलग-अलग हमलों में 15 लोगों की मौत हुई, जिसमें एक गर्भवती महिला भी शामिल है। नासिर अस्पताल के मेडिकल स्टाफ ने जानकारी दी कि घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। वहीं, इंडोनेशियन अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि 10 लोग जबालिया शरणार्थी शिविर से थे, जहां हालिया बमबारी में भारी नुकसान हुआ है।
इस बीच, अमेरिका के नए राजदूत माइक हकाबी ने शुक्रवार को यरूशलम के पुराने शहर में यहूदियों के पवित्र स्थल वेस्टर्न वॉल (पश्चिमी दीवार) का दौरा किया। उन्होंने वहां एक प्रार्थना पत्र लगाया, जिसे उन्होंने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद लिखा है। हकाबी ने बताया कि ट्रंप ने उन्हें यरूशलम में शांति के लिए प्रार्थना करने के उद्देश्य से यह पत्र सौंपा था।
हकाबी ने इस दौरान कहा कि अमेरिका की प्राथमिकता हमास की गिरफ्त में मौजूद बंधकों की सुरक्षित वापसी है। गाजा में 18 महीने से जारी युद्ध के बीच उनका यह दौरा कूटनीतिक लिहाज़ से अहम माना जा रहा है। अमेरिका और अन्य मध्यस्थ देश युद्धविराम बहाल करने के लिए प्रयासरत हैं।
इजराइल की ओर से हाल ही में हमास को एक नया युद्धविराम प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे हमास ने अस्वीकार कर दिया है। हमास के वरिष्ठ नेता खलील अल-हय्या ने स्पष्ट किया कि जब तक फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई, गाजा से इजराइली सैनिकों की वापसी और स्थायी युद्धविराम की गारंटी नहीं दी जाती, तब तक बंधकों की रिहाई संभव नहीं है।
बताया जा रहा है कि हमास के पास फिलहाल 59 बंधक हैं, जिनमें से 24 के जीवित होने की संभावना है। इजराइल की योजना गाजा में कुछ बड़े सुरक्षा क्षेत्रों पर स्थायी नियंत्रण स्थापित करने की है, जिसे लेकर तनाव और बढ़ता दिखाई दे रहा है।
स्थिति गंभीर बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब इस संघर्ष को खत्म करने की दिशा में किसी ठोस पहल पर टिकी हैं।





