10 साल का श्रवण बना ‘यंगेस्ट सिविल वॉरियर’, ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना की सेवा कर जीता दिल

पंजाब के फिरोज़पुर जिले के मामदोट गांव के 10 साल के श्रवण सिंह को भारतीय सेना ने ‘सबसे कम उम्र का सिविल वॉरियर’ (Youngest Civil Warrior) के रूप में सम्मानित किया है। यह सम्मान उसे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैनिकों की सेवा करने के लिए दिया गया। ऑपरेशन के दौरान श्रवण ने निस्वार्थ भाव से सैनिकों को पानी, चाय, दूध, लस्सी और बर्फ पहुंचाई। उसकी यह सेवा और देशभक्ति देखकर सेना के जवानों का मन भर आया। 7 इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल रंजीत सिंह मनराल ने श्रवण को विशेष रूप से सम्मानित किया।
श्रवण के पिता सोना सिंह ने पीटीसी न्यूज़ से बात करते हुए बताया, “हमारी जमीन पर सेना तैनात थी। पहले ही दिन से श्रवण दूध, लस्सी, पानी और बर्फ लेकर जवानों के पास जाने लगा। हमने उसे कभी रोका नहीं क्योंकि वह इससे खुश होता था। वह रोज़ जाता था और हमें उस पर गर्व है। अब वह बड़ा होकर सैनिक बनना चाहता है।” मीडिया से बात करते हुए श्रवण ने कहा, “मुझे सैनिकों के पास जाना और उन्हें ठंडा पानी, दूध और लस्सी देना अच्छा लगता है। उन्होंने मुझे एक खास तोहफा दिया, खाना खिलाया और आइसक्रीम भी दी। मैं बहुत खुश हुआ। मैं बड़ा होकर फौजी बनकर देश की सेवा करना चाहता हूं।”
गौरतलब है कि 7 मई की सुबह भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoJK) में 9 आतंकी शिविरों को सटीक हमलों में तबाह कर दिया। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य मिशन नहीं, बल्कि यह बदलते भारत का चेहरा है। यह भारत के संकल्प, साहस और वैश्विक स्तर पर बढ़ती ताकत को दिखाता है। उन्होंने इसे आतंक के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में एक निर्णायक मोड़ बताया।





