हमें संविधान पर गर्व… : राज्यसभा में बोले गृहमंत्री अमित शाह

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने राज्यसभा में संविधान पर चर्चा का जवाब दिया. इस दौरान शाह ने कहा कि हमें संविधान पर गर्व है. हमारा लोकतंत्र पाताल तक गहरा है. साथ ही उन्होंने कहा कि कोई यह न समझे कि हमारा संविधान अन्य देशों के संविधान की नकल है, हमने अन्य संविधानों से अच्छी बातें ली हैं, लेकिन अपनी परंपराओं को नहीं छोड़ा है. उन्होंने कहा कि संविधान में गीता, रामायण के चित्र मौजूद हैं.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “… जो लोग कहते थे लोकतंत्र इस देश में सफल नहीं होगा, आज 75 साल हो गए. हमारे आसपास भी कई देश स्वतंत्र हुए और नई शुरुआत हुई. लेकिन वहां कई बार लोकतंत्र सफल नहीं हुआ. हमारा लोकतंत्र आज पाताल तक गहरा पहुंचा है. अनेक तानाशाहों के अहंकार को चूर-चूर करने का काम लोकतांत्रिक तरीके से इस देश की जनता ने किया है…”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ”…जो कहते थे कि हम आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं हो पाएंगे उन्हें हमारे देश की जनता और हमारे संविधान ने जवाब दिया है …आज हम दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं… आज ब्रिटेन भी अर्थतंत्र की तालिका में हमारे पीछे खड़ा है…”
”…हमारे संविधान में संविधान को कभी भी अपरिवर्तनीय नहीं माना गया है. अनुच्छेद 368 में संविधान में संशोधन का प्रावधान है…कुछ राजनेता 54 वर्ष की आयु में खुद को ‘युवा’ कहते हैं. संविधान लेकर घूमते रहते हैं और कहते हैं कि संविधान बदल देंगे. मैं बताना चाहता हूं कि संविधान में संशोधन का प्रावधान अनुच्छेद 368 में है…भाजपा ने 16 साल तक शासन किया और हमने संविधान में 22 परिवर्तन किए. ..कांग्रेस ने 55 साल राज किया और 77 परिवर्तन किए…”





