संसद के बजट सत्र से पहले राष्ट्रपति का अभिभाषण जारी, ‘मौनी अमावस्या पर हुई दुर्घटना पर व्यक्त की संवेदना’

संसद के बजट सत्र से पहले राष्ट्रपति का अभिभाषण जारी, ‘मौनी अमावस्या पर हुई दुर्घटना पर व्यक्त की संवेदना’
परंपराओं के अनुसार संसद के बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण से हुई। सत्र की शुरुआत से पहले राष्ट्रपति ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कई मुद्दों को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ‘मेरी सरकार ने आदिवासी समाज के पांच करोड़ लोगों के लिए ‘धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान’ शुरू किया है।”

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद को संबोधित करते हुए कहा, “मेरी सरकार ने युवाओं की शिक्षा और उनके लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर विशेष ध्यान दिया है।”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के छह करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “ऐतिहासिक महाकुंभ चल रहा है। यह हमारी सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक जागरण का पर्व है। देश-दुनिया से करोड़ों श्रद्धालुओं ने प्रयागराज में पवित्र डुबकी लगाई है। मौनी अमावस्या पर हुई दुर्घटना पर मैं अपनी संवेदना व्यक्त करती हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।”
उन्होंने कहा कि, “कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे इसलिए मातृ भाषा में शिक्षा के अवसर दिए जा रहे हैं। विभिन्न भर्ती परीक्षाएं 13 भारतीय भाषाओं में आयोजित कर भाषा संबंधित बाधाओं को दूर किया गया है।”
उन्होंने कहा कि “मेरी सरकार देश में महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास में विश्वास करती है…सरकार का लक्ष्य 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाना है…”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “वह दिन दूर नहीं जब भारत में निर्मित गगनयान में एक भारतीय नागरिक अंतरिक्ष में जाएगा। कुछ दिन पहले स्पेस डॉकिंग में सफलता ने भारत के अपने स्पेस स्टेशन का मार्ग और आसान कर दिया है।”
UPI को लेकर उन्होंने कहा कि भारत की UPI टेक्नोलॉजी की सफलता से दुनिया के कई विकसित देश भी प्रभावित हैं। आज 50% से ज्यादा रियल टाइम डिजिटल ट्रांसैक्शन भारत में हो रहा है। मेरी सरकार ने डिजिटल तकनीक को सामाजिक न्याय और समानता के एक टूल के तौर पर इस्तेमाल किया है।”





