संविधान के 75 वर्षों का उत्सव: झांकियों में दिखी भारत की विविधता और विरासत

संविधान के 75 वर्षों का उत्सव: झांकियों में दिखी भारत की विविधता और विरासत
आज का दिन भारतीय इतिहास के उन गौरवशाली पन्नों में दर्ज है, जिसने देश को एक नई पहचान दी। 26 जनवरी 2025, भारत का 76वां गणतंत्र दिवस। वह दिन जब देश ने संविधान को अंगीकृत और आत्मार्पित किया था। यह दिन हर भारतीय के लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक है। इस बार गणतंत्र दिवस का समारोह पहले से कहीं अधिक भव्य और ऐतिहासिक होने जा रहा है।
झांकियां: भारत की विरासत और विकास का प्रतिबिंब
परेड में इस वर्ष 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ 15 केंद्रीय मंत्रालयों और संगठनों की झांकियां प्रदर्शित होंगी। झांकियों का विषय—‘स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास’— देश के उज्ज्वल भविष्य और गौरवशाली अतीत की झलक देगा। विभिन्न राज्यों की झांकियों में उनकी अनूठी सांस्कृतिक धरोहरों और उपलब्धियों का प्रदर्शन होगा।
कुछ इस तरह दिखेंगीं झलकियां
संविधान के 75 वर्ष पूरे होने पर भव्य झांकी
यह झांकी लोक निर्माण आयोग द्वारा पेश की गई। इसमें संविधान की 75वीं वर्षगांठ का भव्यता से प्रदर्शन किया गया। इसमें अशोक चक्र और समय के पहिए को भी भव्यता से दर्शाया गया है। इस बार की झांकी से देशवासियों को गतिशीलता का जीवन और स्थिरता की मृत्यु का संदेश दिया गया है।
रोजगार मंत्रालय की झांकी
इस बार रोजगार मंत्रालय द्वारा भी झांकी पेश की गई जिसमें 2047 तक के होने वाले विकास का प्रदर्शन किया गया है। साथी से और आकर्षक बनाने के लिए इसमें प्राचीन तमिल स्प्रिंग वाद्य यंत्र का भी प्रदर्शन किया गया है। इसमें रोजगार और आर्थिक समृद्धि की झलके देखने को मिली।
बंगाल की झांकी
कर्तव्य पथ पर पश्चिम बंगाल की भी झांकी का भव्यता से प्रदर्शन किया गया जिसमें विष्णुपुर की टेराकोटा मंदिर की वास्तुकला का भी प्रदर्शन किया गया है।

पंजाब की झांकी
कर्तव्य पथ पर पंजाब की भी झांकी भव्यता से प्रदर्शित की गई। इसमें महान सूफी संत बाबा शेख फरीद की मनोहर छवि नजर आई। झांकी में पत्थर की कलाकृतियों को बारीकी से तराश कर पेश किया गया है। झांकी में कुछ कृषि संबंधी चीज भी देखने को मिली।

उत्तराखंड की झांकी
परेड में उत्तराखंड की झांकी भी प्रस्तुत की गई झांकी का विषय सांस्कृतिक विरासत और साहसिक खेल है। उत्तराखंड की झांकी में नेचुरल ब्यूटी को भी दर्शाया गया है।

यूपी की झांकी
इस बार यूपी की झांकी में कुछ अलग ही देखने को मिला। यूपी की झांकी का थीम महाकुंभ पर था। इसकी थीम का नाम चीता द प्राइड ऑफ़ इंडिया है। इस झांकी में महाकुंभ में हो रहे भव्य कार्यक्रम की भव्यता का प्रदर्शन किया गया।

झारखंड की झांकी
झारखंड की झांकी में कुछ अलग ही देखने को मिला। इसमें रतन टाटा को श्रद्धांजलि दी गई है इसमें म्यूरल्स ट्राइब्स आर्ट्स सोहराय कल का भी प्रदर्शन किया गया है।

बीएसएफ की झांकी
इस बार गणतंत्र दिवस पर दिल्ली पुलिस का मार्किंग दस्ता भी कर्तव्य पथ पर नजर आया। इसमें तीन सब इंस्पेक्टर, 44 हेड कांस्टेबल, और 100 कांस्टेबल भी शामिल थे। या झांकी 1950 से लेकर हर गणतंत्र दिवस पर बनाई जाती है।






