श्रद्धा हत्याकांड: दिल्ली कोर्ट ने श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब की पुलिस हिरासत बढ़ाई
श्रद्धा हत्याकांड: दिल्ली की अदालत ने श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब पूनावाला की पुलिस हिरासत अगले 5 दिनों के लिए बढ़ा दी है.
पुलिस ने कोर्ट में बताया कि आरोपी आफताब को जांच के लिए उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश ले जाया जाना है. अदालत ने आरोपी आफताब के नार्को एनालिसिस टेस्ट की अनुमति मांगने वाली पुलिस की अर्जी भी मंजूर कर ली है.
इससे पहले श्रद्धा वाकर हत्याकांड में बड़ा खुलासा करते हुए दिल्ली पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी आफताब पूनावाला ने अपनी लिव-इन पार्टनर की पहचान छिपाने के लिए उसका चेहरा जला दिया था. उसने पहले उसके शरीर के 35 टुकड़े कर दिए, फिर उसके चेहरे को इस तरह जला दिया कि शरीर के अंग मिलने पर भी उसकी पहचान नहीं हो पाती.
श्रद्धा वाकर हत्याकांड से जुड़ी अहम बातें
श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब ने पुलिस के सामने आपने गुनाह को कबूल किया साथ ही हत्या से जुड़े कई खुलासे भी किए हैं. आरोपी आफताब ने पुलिस के सामने कबूल किया कि हत्या करने के बाद श्रद्धा की पहचान छिपाने के लिए उसने श्रद्धा के शव के टुकड़े करने के बाद उसका चेहरा जला दिया था. उसने यह भी कबूल किया कि उसने हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के तरीके इंटरनेट पर सर्च किए थे.
श्रद्धा वाकर हत्या मामले में एक और लूप में, दिल्ली के दक्षिणी जिला पुलिस ने मानव सिर सहित शरीर के कटे हुए हिस्सों के डीएनए नमूने से मिलान करने के लिए अपने पूर्वी समकक्षों से संपर्क किया है, जिसे बाद में जून में बरामद किया गया था.
सूत्रों के मुताबिक, पूर्वी दिल्ली पुलिस को इस साल जून में राष्ट्रीय राजधानी के पांडव नगर थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुरी इलाके में एक कटा हुआ सिर और हाथ मिला था, जो श्रद्धा की हत्या (18 मई को) के लगभग एक महीने बाद हुआ था.
पूर्वी दिल्ली मामले में पुलिस यह पता लगाने में सक्षम नहीं थी कि बरामद शरीर के हिस्सों की छेड़छाड़ की स्थिति के कारण वे किसके शरीर के अंग थे.
पूर्वी दिल्ली में मिले शरीर के अंगों को डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया है और जल्द ही फॉरेंसिक रिपोर्ट आएगी.
महरौली के जंगलों में मिली अस्थियों को भी डीएनए जांच के लिए भेजा गया है. सूत्रों ने कहा कि पुलिस इन दोनों जगहों पर मिले सभी टुकड़ों की डीएनए रिपोर्ट का मिलान करेगी और यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या शरीर के मिले हिस्से श्रद्धा के थे.





