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वायरल वीडियो: बेंगलुरु के एक मॉल में धोती पहने एक बुजुर्ग को गॉर्ड ने नहीं दी एंट्री, मचा बवाल तो मांगी माफ़ी

वायरल वीडियो: बेंगलुरु के एक मॉल में धोती पहने एक बुजुर्ग को गॉर्ड ने नहीं दी एंट्री, मचा बवाल तो मांगी माफ़ी

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के जीटी मॉल का एक मामला सामने आया है। यहाँ मॉल के एक गार्ड ने एक बुजुर्ग किसान को मॉल में एंट्री देने से इसलिए इंकार कर दिया क्योंकि उन्होंने भारतीय संस्कृति का परंपरागत लिबास धोती-कुर्ता पहना हुआ था। थोड़ी ही देर में इस घटना का एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

दरअसल बीती 16 जुलाई को शाम 6 बजे की है, बाप और बेटा ने फिल्म देखने के लिए जीटी मॉल के फिल्म काम्प्लेक्स में टिकट बूक किया था। लेकिन जब वे जीटी मॉल के गेट पर पहुंचे तो सिक्योरिटी गार्ड ने उन्हें अंदर जाने से मना कर दिया। वायरल वीडियो में पीड़ित द्वारा दी जा रही जानकारी के मुताबिक, सिक्योरिटी गार्ड ने बाप-बेटे की जोड़ी से कहा कि ऐसा ड्रेस पहन कर कोई भी व्यक्ति मॉल के अंदर नहीं जा सकता है। मॉल प्रबंधन के द्वारा कुछ नियम बनाए गए हैं, जिसके तहत ऐसे पोशाक को धारण कर कोई मॉल में नहीं जा सकता है। हालांकि उसके बाद धोती पहने पिता ने सिक्योरिटी गार्ड को समझाने की कोशिश की और कहा कि वे बहुत दूर से आएं हैं, ऐसे में उनके लिए, वापस जा कर कपड़े बदल कर आना संभव नहीं है।  बार-बार किए गए इस आग्रह के बाद भी सिक्योरिटी गार्ड नहीं माना और वो एक ही बात दोहरता रहा कि मॉल प्रबंधन का आदेश है कि ऐसे ड्रेस में मॉल के अंदर कोई नहीं जा सकता है। काफी बहस के बाद बुजुर्ग की मॉल में एंट्री कराई गई।

इसके बाद कन्नड़ संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बुधवार सुबह मॉल के सामने विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें कई लोग धोती पहनकर मॉल में घुसे और विरोध जताया। किसान को मॉल में भी लाया गया, जहां मॉल के प्रबंधन के प्रतिनिधियों ने सार्वजनिक रूप से उससे माफी मांगी और उसका सम्मान किया। इससे पहले दिन में फकीरप्पा को अंदर नहीं जाने देने वाले सुरक्षा पर्यवेक्षक ने भी अपने कृत्य के लिए माफी मांगी।

 

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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