भीषण गर्मी के बीच दिल्ली-एनसीआर में बारिश की संभावना, IMD ने की भविष्यवाणी
नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार को दिल्ली एनसीआर के लिए हल्की से मध्यम बारिश और हवाओं का अनुमान लगाया, जिससे उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिलेगी. IMD ने सोशल मीडिया पर अपडेट जारी किया, अगले 2 घंटों के दौरान उत्तरी दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली, उत्तर-पश्चिम दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, मध्य दिल्ली, NCR (लोनी देहात, हिंडन एयर फोर्स स्टेशन, बहादुरगढ़, गाजियाबाद, इंदिरापुरम, छपरौला) सोनीपत, रोहतक, खरखौदा (हरियाणा) बागपत, खेकड़ा, मोदीनगर, पिलखुआ (यूपी) के कुछ स्थानों और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम तीव्रता की बारिश और हवाएं चलेंगी.

बुधवार को आईएमडी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए रेड अलर्ट जारी किया, जबकि पंजाब, हरियाणा और दिल्ली एनसीआर के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया. आईएमडी वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार ने एएनआई को बताया, “हमने मंगलवार को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए रेड अलर्ट जारी किया था, लेकिन बुधवार को स्थितियों में सुधार हुआ. बिहार में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं. पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के लिए हमने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए हमने अगले 2 दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. दिल्ली-एनसीआर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. 30 जून के आसपास दिल्ली-एनसीआर में मानसून आने की उम्मीद है.”
प्रचंड गर्मी के बीच, राम मनोहर लोहिया अस्पताल में बुधवार को संदिग्ध हीटस्ट्रोक के कारण पांच लोगों की मौत की सूचना मिली. कम से कम 12 लोग, जिनमें अधिकतर दिहाड़ी मजदूर हैं, गंभीर हालत में हैं और वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं. आरएमएल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शुक्ला ने बताया कि मंगलवार को लू से पीड़ित 11 लोगों को भर्ती कराया गया, जो इस सीजन में एक दिन में सबसे ज्यादा संख्या है. लगभग एक महीने पहले हीटवेव की शुरुआत के बाद से, अस्पताल में गर्मी से संबंधित बीमारियों के लिए कम से कम 45 लोगों का इलाज किया गया है.
डॉ. शुक्ला ने बताया, “कुल 22 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और पांच की संदिग्ध हीटस्ट्रोक के कारण जान चली गई है. 12 मरीज वेंटिलेटर पर हैं और उनकी हालत गंभीर है. अधिकांश मरीज़ मजदूर हैं जो विषम परिस्थितियों में काम करते हैं,” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अस्पताल पहुंचने में देरी मृत्यु का एक महत्वपूर्ण कारक थी. उन्होंने कहा, “अब तक हमें कुल 45-50 मरीज मिले हैं और लू की स्थिति शुरू होने के बाद से लगभग सात लोगों की मौत हो गई है.”





