भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा आम लोगों के लिए राहत, नहीं बढ़ेगी होमलोन की EMI

नई दिल्ली: भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा आम लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है. RBI ने आज अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद आर्थिक विकास और मुद्रास्फीति के बीच संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से प्रमुख ब्याज दरों, यानी रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में लगातार आठवीं बार कोई बदलाव नहीं किया है. देश में रेपो रेट 6.5 फ़ीसदी पर ही बरकरार है.
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, “हम चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान 7.2% लगा रहे हैं, जिसमें पहली तिमाही में 7.3%, दूसरी तिमाही में 7.2%, तीसरी तिमाही में 7.3% और चौथी तिमाही में 7.2% रहेगी। जोखिम समान रूप से संतुलित हैं।”
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, “हम चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान 7.2% लगा रहे हैं, जिसमें पहली तिमाही में 7.3%, दूसरी तिमाही में 7.2%, तीसरी तिमाही में 7.3% और चौथी तिमाही में 7.2% रहेगी। जोखिम समान रूप से संतुलित हैं।” pic.twitter.com/Y3Siq5eIKI
— NewsMobile Samachar (@NewsMobileHindi) June 7, 2024
RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, “हालिया सालों में दुनिया ने एक के बाद एक कई संकट झेले हैं, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था ने दिखाया है कि उसके बुनियादी सिद्धांत मज़बूत हैं… हमें इस अनिश्चित वैश्विक माहौल में सतर्क रहने की ज़रूरत है…” उन्होंने कहा कि MPC के छह में से चार सदस्यों ने रेपो रेट में बदलाव नहीं करने के पक्ष में वोट किया.
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, “मौद्रिक नीति समिति ने 4:2 के बहुमत से पॉलिसी रेपो दर को 6.5% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया. फलस्वरूप, स्थायी जमा सुविधा (SDF) दर 6.25% पर बनी हुई है, और सीमांत स्थायी सुविधा (एमएसएफ) दर और बैंक दर 6.75% पर बनी हुई है…”
इससे पहले, RBI ने नीतिगत दरों में बदलाव फरवरी, 2023 में किया था, लेकिन उससे पहले मई, 2022 और फरवरी, 2023 के दौरान नौ महीनों में रेपो रेट में कुल 2.5 फ़ीसदी की बढ़ोतरी की जा चुकी थी, हालांकि फरवरी, 2023 के बाद से अब तक रेपो रेट 6.5 फ़ीसदी पर स्थिर है.





